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अमेरिकी टैरिफ से निपटने को व्यापार में विविधता लाएंगे भारत और ब्राजील

कृषि निर्यात को प्रभावित करने वाले उच्च अमेरिकी टैरिफ पर चिंताओं के बारे में टेक्सीरा ने कहा कि इस तरह के उपायों से अमेरिका के भीतर ही मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ने लगता है

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संजीब मुखर्जी   
Last Updated- February 19, 2026 | 10:59 PM IST

ब्राजील के कृषि विकास और परिवार कृषि मंत्री पाउलो टेक्सीरा ने गुरुवार को भारत और ब्राजील के बीच कृषि, पशुधन आनुवांशिकी और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) में मजबूत साझेदारी का आह्वान किया। इसके अलावा उन्होंने लगातार बढ़ते अमेरिकी टैरिफ से होने वाले नुकसान से बचने के लिए व्यापार को और अ​धिक विविधापूर्ण बनाने की बात कही।

लीड्स कनेक्ट द्वारा एआई-सक्षम इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर फॉर रिस्क इंटेलिजेंस (आईसीसीआरआई) तथा एआई-संचालित व्यापक इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ‘केदार-पार्वती’ के उद्घाटन के मौके पर पाउलो टेक्सीरा ने कहा कि ब्राजील कृषि क्षेत्र की समस्याओं के निदान के लिए एआई-संचालित तंत्र विकसित करने वाली भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग करने का इच्छुक है। केदार पार्वती भारत की अग्रणी एग्रीटेक फर्मों में से एक मानी जाती है।

लीड्स कनेक्ट द्वारा सैटेलाइट-आधारित जोखिम मूल्यांकन उपकरणों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए टेक्सीरा ने कहा कि ऐसी टेक्नोलॉजी ब्राजील के किसानों के लिए अत्यधिक प्रासंगिक हो सकती हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के पांच दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत आए उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल टेक्सीरा ने कहा, ‘यहां ऐसे उपकरण हैं जो ब्राजील के पास अभी तक नहीं हैं। इस टेक्नोलॉजी को ब्राजील ले जाना बहुत दिलचस्प है।’ उन्होंने कहा कि ब्राजील भारत के साथ पशु आनुवंशिकी में अपनी विशेषज्ञता साझा करने की भी उम्मीद कर रहा है। मवेशियों के जेनेटिक सुधार में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि ब्राजील ने ऐसी टेक्नॉलजी विकसित की है जो जेबू नस्लों (जेबू मवेशी मूल रूप से भारत से हैं) में दूध उत्पादन को बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा, ‘ब्राजील के पास पशु आनुवंशिकी में ऐसी टेक्नॉलजी हैं, जो मूल रूप से भारत से लाई गई गायों के दूध उत्पादन को बढ़ाने में मदद करती हैं।’

लीड्स कनेक्ट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक और बीएल एग्रो (लीड्स कनेक्ट की मूल कंपनी) के सीईओ नवनीत रवि कर ने कहा कि उनकी सहयोगी कंपनी, लीड्स जेनेटिक्स ने पहली बार ब्राजील से भारत में एम्ब्रियो (भ्रूण) का आयात किया है और एक संयुक्त कार्यक्रम के तहत ब्राजील से प्राप्त जेबू एम्ब्रियो के साथ 120 भारतीय गायों को गर्भवती किया गया है और उत्पादन वर्तमान में जारी है।

इस बीच, पशुधन से परे टेक्सीरा ने जैविक इनपुट को सहयोग के लिए एक प्रमुख क्षेत्र बताया। जैविक उर्वरकों और जैविक कीटनाशकों की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘यह एक नया क्षण है जिसमें कृषि दुनिया में जी रही है।’ एआई हस्तक्षेपों पर उन्होंने संभावनाओं की दुनिया का वर्णन किया, जिसमें फेशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर और कृषि जोखिमों का प्रबंधन करने के लिए सैटेलाइट-सक्षम उपकरण शामिल हैं।

कृषि निर्यात को प्रभावित करने वाले उच्च अमेरिकी टैरिफ पर चिंताओं के बारे में टेक्सीरा ने कहा कि इस तरह के उपायों से अमेरिका के भीतर ही मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ने लगता है। उन्होंने तर्क दिया कि भारत और ब्राजील दोनों के लिए सबसे अच्छा जवाब द्विपक्षीय व्यापार को गहरा करना और बाजारों में विविधता लाना है।’

First Published : February 19, 2026 | 10:58 PM IST