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AI के प्रसार के लिए साथ आईं ग्लोबल और भारतीय कंपनियां: अश्विनी वैष्णव

उन्होंने कहा कि ये स्वैच्छिक प्रतिबद्धताएं 'समावेशी और जिम्मेदार एआई' के लिए साझे दृष्टिकोण को दर्शाती हैं

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आशीष आर्यन   
Last Updated- February 19, 2026 | 11:06 PM IST

प्रमुख एआई मॉडल विकसित करने वाली बड़ी वैश्विक आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनियों और सर्वर्म, भारतजेन, ज्ञानी तथा सोकेट जैसी भारतीय फर्मों ने आर्थिक उद्देश्यों से एआई अपनाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि ये स्वैच्छिक प्रतिबद्धताएं ‘समावेशी और जिम्मेदार एआई’ के लिए साझे दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।

वैष्णव ने कहा कि कंपनियों द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं में यह भी शामिल है कि वे गुमनाम, समग्र और अलग-अलग तरीके से उपयोग किए गए डेटा से प्राप्त सांख्यिकीय जानकारियों को सीधे या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योगदान के माध्यम से अगली एआई समिट तक प्रकाशित करेंगी। इसके अलावा, ये कंपनियां डेटा के बहुभाषी उपयोग के मूल्यांकन को मजबूत करने के लिए भी मिलकर काम करेंगी।

गुरुवार को हस्ताक्षरित स्वैच्छिक घोषणा में लिखा गया है, ‘समिट में भाग लेने वाले संगठनों का मानना है कि अलग-अलग भाषाओं में उपयोग से एआई को हर वर्ग और क्षेत्र तक पहुंचाने में मदद मिलेगी तथा एआई के प्रदर्शन में भी सुधार होगा। साथ ही लोगों को उच्च गुणवत्ता की सेवाएं उपलब्ध होंगी।’

इसके अलावा, सभी हस्ताक्षरकर्ता सरकारों और ऐसी स्थानीय कंपनियों के साथ साझेदारी की अहमियत को समझेंगे, जिनके पास डेटासेट और विशेषज्ञता है या वे इसे विकसित कर सकती हैं। स्वैच्छिक रूप से इस करार पर हस्ताक्षर करने वाली कंपनियां कम प्रसार वाली भाषाओं और सांस्कृतिक क्षेत्रों के विकास में एआई अपनाने के लिए स्थानीय तंत्र के साथ भी सहयोग करेंगे।

वैष्णव ने कहा, ‘ये प्रयास एआई को आकार देने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम हैं, जो न केवल मजबूत है, बल्कि समावेशी, विकास-उन्मुख और विश्व स्तर पर प्रासंगिक भी हैं। यह पहल एआई गवर्नेंस पर विकासशील देशों के नेतृत्व वाले दृष्टिकोण के निर्माण में भारत को सबसे आगे रखती है।’

आईटी प्रतिभाओं को निखारने पर काम

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि सरकार भारतीय आईटी उद्योग के सामने एआई के कारण आ रही चुनौतियों से वाकिफ है। वह प्रतिभाओं का कौशल बढ़ाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ काम कर रही है।

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के उद्घाटन सत्र में वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट में बड़ा नीतिगत बदलाव किया है, जिसका उद्देश्य दुनिया के डेटा को भारत में आकर्षित करना, उन्हें यहीं संग्रहित और संसाधित करना तथा यहां से उच्च-मूल्य सेवाएं वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा, ‘हम अपने आईटी उद्योग के सामने मौजूद चुनौतियों के प्रति भी सजग हैं और उन्हें कम करने के लिए उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि प्रतिभाओं का कौशल बढ़ाया जा सके और इस एआई युग के लिए नई प्रतिभाएं तैयार की जा सकें।’ वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सदैव स्वच्छ ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है और वर्तमान में भारत की विद्युत उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा स्वच्छ स्रोतों से आ रहा है।

First Published : February 19, 2026 | 11:04 PM IST