facebookmetapixel
Advertisement
भारतीय रियल एस्टेट पर निवेशकों का दाव, H1 में निवेश 6 साल के हाई परAMC, Insurance या Broking, Q1 में किस सेक्टर में होगी सबसे ज्यादा कमाई? ब्रोकरेज ने बताए टॉप पिक्सIndia Services PMI: जून में 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंची सर्विस सेक्टर की रफ्तार, घरेलू मांग में नरमी का असरAdani QIP पर टूट पड़े निवेशक! 3.8 गुना मांग के बाद बढ़कर ₹15,000 करोड़ हुआ इश्यू साइजIC Electricals IPO: आज से खुला आईपीओ, GMP ने मचाई हलचल! पहले दिन ही 40% तक लिस्टिंग गेन की उम्मीदStaffing Stocks: हायरिंग में सुधार से चमक सकते हैं ये 2 शेयर, ब्रोकरेज ने दिए 28% तक के टारगेट₹2.19 लाख करोड़ का झटका! सरकार ने बताया- पेट्रोल-डीजल सस्ता होने में क्यों लग रहा वक्तNippon India AMC से ICICI AMC तक… Q1 में किसका रहेगा जलवा? एंटीक ने बताए टॉप पिक्सअमेरिका नहीं, इस बार UAE और सिंगापुर से आएगा ज्यादा निवेश! FCNR(B) स्कीम से बैंकों को उम्मीदIT Stocks: Q1 में किसकी चलेगी और किस पर दिखेगा दबाव? नुवामा ने बताईं टॉप और कम ग्रोथ वाली कंपनियां

त्योहारों में स्थिर रहेंगी खाद्य कीमतें: सरकार

Advertisement

सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में कुछ फैसले लिए हैं।

Last Updated- October 19, 2023 | 10:40 PM IST
inflation base year

त्योहारों के पहले सरकार ने आज आश्वस्त किया कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतें इस दौरान स्थिर (Price Stability) बनी रहेंगी। केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने गुरुवार को कहा कि सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों के कारण कीमतें स्थिर बनी रहेंगी।

वह प्रमुख खाद्य वस्तुओं खासकर चीनी, गेहूं, खाद्य तेल और चावल की घरेलू मांग और आपूर्ति की स्थिति के बारे में जानकारी दे रहे थे। चोपड़ा ने यह भी कहा कि मौजूदा विपणन वर्ष 2023-24 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान चीनी निर्यात की अनुमति देने के बारे में निर्णय कृषि मंत्रालय का गन्ने का उत्पादन अनुमान आने के बाद लिया जाएगा। इस पर फैसला अगले साल जून के आसपास ही होगा।

चोपड़ा ने कहा, ‘त्योहारी मौसम के दौरान कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है। हम त्योहारी सत्र में (खाद्य वस्तुओं की कीमतों में) किसी भी तरह की बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में कीमतें स्थिर रहेंगी।’

सचिव ने कहा कि सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में कुछ फैसले लिए हैं। सरकार ने हाल में अपने नियंत्रण वाले सभी उपायों का उपयोग किया है, चाहे वह व्यापार नीति हो या स्टॉक सीमा मानदंड। चोपड़ा ने कहा कि कीमतों पर नियंत्रण रखने और उन्हें स्थिर रखने के लिए इन तरीकों का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग किया गया है।

चोपड़ा ने कहा कि नए विपणन वर्ष की शुरुआत यानी 1 अक्टूबर को चीनी का शुरुआती स्टॉक 57 लाख टन था।

बुधवार को सरकार ने चीनी निर्यात पर अंकुश को इस साल 31 अक्टूबर से आगे अगले आदेश तक बढ़ा दिया है। त्योहारी मौसम के दौरान घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

इससे पहले ये अंकुश इस साल 31 अक्टूबर तक लागू थे। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘चीनी (कच्ची चीनी, सफेद चीनी, परिष्कृत चीनी और जैविक चीनी) के निर्यात पर अंकुश 31 अक्टूबर, 2023 से अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है। अन्य शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी।’

एथनॉल के बारे में चोपड़ा ने कहा कि अगले महीने शुरू हो रहे 2023-24 एथनॉल आपूर्ति वर्ष में 15 प्रतिशत एथनॉल मिलाने के लिए पर्याप्त आपूर्ति की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि सरकार मक्के से एथनॉल की आपूर्ति बढ़ाने की कवायद कर रही है, क्योंकि इस क्षेत्र में पर्याप्त संभावनाएं हैं।

Advertisement
First Published - October 19, 2023 | 10:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement