facebookmetapixel
Advertisement
4 साल की सुस्ती के बाद क्या लौटेगी QSR कंपनियों की चमक? ब्रोकरेज ने दिए 47% तक अपसाइड के टारगेटRBI MPC Meet: ब्याज दर 5.25% पर बरकरार, लेकिन RBI ने ट्रंप के टैरिफ और तेल की कीमतों पर जताई बड़ी चिंताRBI MPC August 2026: रीपो रेट स्थिर, लेकिन क्या आगे ब्याज दरों में कटौती की बन सकती है गुंजाइश? जानें क्या हैं RBI के संकेतRBI MPC 2026: RBI ने रेपो रेट क्यों नहीं बदली? फैसले के पीछे की 5 बड़ी वजहेंRBI MPC 2026: ब्याज दर स्थिर, लेकिन क्या सिस्टम में बढ़ेगी नकदी? RBI गवर्नर ने क्या कहाRBI MPC Meeting Highlights: गवर्नर संजय मल्होत्रा के 10 बड़े ऐलानRBI MPC 2026: महंगाई का अनुमान घटाया, ग्रोथ बढ़ाई… जानिए CPI और GDP पर गवर्नर ने क्या कहाRBI MPC August Meeting 2026: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, न्यूट्रल रुख कायमGold and Silver Rate today: फेड के ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना घटी; सोना उछलकर $4,200 के करीब, चांदी $60 के पारसूरज निकला तो बिजली, नहीं निकला तो नुकसान? Renewable कंपनियां इससे कैसे बच रही हैं?

‘सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना’ होने लगी साकार, पीएम मोदी ने किया ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन

Advertisement

‘सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना’ के तहत सरकार पहले ही नया संसद भवन, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव और विजय चौक से इंडिया गेट तक फैले कर्तव्य पथ का पुनर्विकास कर चुकी है।

Last Updated- August 06, 2025 | 2:50 PM IST
Prime Minister @narendramodi inaugurated #KartavyaBhavan at Kartavya Path in Delhi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन किया, जो प्रस्तावित दस साझा केंद्रीय सचिवालय भवनों में से पहला है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक ही परिसर में लाना है ताकि प्रशासनिक कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सके। साझा केंद्रीय सचिवालय भवनों में से कर्तव्य भवन-03 पहली इमारत है जिसका आज प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया। इस इमारत में में गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय होंगे। वर्तमान में कई प्रमुख मंत्रालय शास्त्री भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन और निर्माण भवन जैसे पुरानी इमारतों में कार्यरत हैं।

सरकार के मुताबिक, 1950 और 1970 के दशक के बीच बनाए गए ये भवन अब ‘‘संरचनात्मक रूप से पुराने ’’ हो चुके हैं। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की योजना के अनुसार साझा केंद्रीय सचिवालय के अंतर्गत कुल दस भवनों का निर्माण किया जाना है। यह परियोजना केंद्र सरकार की ‘सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना’ का हिस्सा है। निर्माणाधीन भवनों में से भवन संख्या दो और तीन के कार्य अगले माह तक पूरे होने की उम्मीद है, जबकि साझा केंद्रीय सचिवालय (सीसीएस) भवन संख्या 10 का निर्माण कार्य अगले वर्ष अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। सीसीएस भवन संख्या छह और सात का कार्य अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है।

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि शास्त्री भवन, कृषि भवन, निर्माण भवन और उद्योग भवन में कार्यरत कार्यालयों को दो वर्षों की अस्थायी अवधि के लिए कस्तूरबा गांधी मार्ग, मिंटो रोड और नेताजी पैलेस में चार नए स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा, जब तक सीसीएस के शेष भवनों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता। सरकार ने कुछ भवनों को संरक्षित रखने का प्रस्ताव भी दिया है, जिनमें राष्ट्रीय संग्रहालय, राष्ट्रीय अभिलेखागार, जवाहरलाल नेहरू भवन (विदेश मंत्रालय), डॉ. आंबेडकर ऑडिटोरियम और वाणिज्य भवन शामिल हैं, जो अपेक्षाकृत नए भवन हैं।

‘सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना’ के तहत सरकार पहले ही नया संसद भवन, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव और विजय चौक से इंडिया गेट तक फैले कर्तव्य पथ का पुनर्विकास कर चुकी है। साझा केंद्रीय सचिवालय के अतिरिक्त, सरकार एक ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ का निर्माण भी कर रही है, जिसमें नया प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), कैबिनेट सचिवालय, इंडिया हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय होंगे। एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव के दूसरे चरण के अंतर्गत प्रधानमंत्री का नया आवास भी बनाया जाएगा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - August 6, 2025 | 2:33 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement