Photo: Khalid Anzar
India AI Impact AI Summit 2026: भारत आज से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence, AI) के वैश्विक विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है। 16 से 20 फरवरी तक राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित होने वाला AI Impact Summit 2026 देश की तकनीकी क्षमताओं और वैश्विक नेतृत्व की महत्वाकांक्षा को नई दिशा देगा। यह पहला बड़ा वैश्विक एआई सम्मेलन है जिसकी मेजबानी ग्लोबल साउथ का कोई देश कर रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है कि एआई गवर्नेंस और उसके व्यावहारिक उपयोग में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
यह समिट केवल सिद्धांतों और नैतिक चर्चाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस बात पर केंद्रित होगा कि सरकारें एआई सिस्टम को किस तरह विकसित करें, खरीदें और बड़े पैमाने पर लागू करें। यानी चर्चा का फोकस प्रयोग और नीतिगत क्रियान्वयन पर रहेगा।
प्रधानमंत्री Narendra Modi सोमवार शाम इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही बहु-दिवसीय कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत होगी। पहले दिन का मुख्य विषय सड़क सुरक्षा में एआई की भूमिका है। विशेषज्ञ डेटा आधारित विश्लेषण के जरिए दुर्घटनाओं के पैटर्न समझने, जोखिम का पूर्वानुमान लगाने और सुरक्षित यातायात प्रणाली विकसित करने पर विचार करेंगे।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर अपने संदेश में कहा कि दुनिया भर से लोगों का भारत आना देश के युवाओं की क्षमता और विज्ञान तकनीक के क्षेत्र में तेजी से हो रही प्रगति का प्रमाण है।
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1. एआई फॉर रोड सेफ्टी
इस सत्र में चर्चा होगी कि किस तरह एआई की मदद से दुर्घटनाओं की रोकथाम, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षित सड़क ढांचा तैयार किया जा सकता है।
2. HER First Algorithm, भारत की अगली बड़ी उपलब्धि
यह विशेष पहल महिलाओं के लिए एआई नवाचार प्रतियोगिता है। इसे NITI Aayog की वीमेन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य तकनीक क्षेत्र में महिलाओं को प्रोत्साहित करना और सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए व्यवहारिक एआई मॉडल तैयार करना है।
3. फ्यूचर ऑफ वर्क एंड लर्निंग
इस चर्चा में बताया जाएगा कि एआई रोजगार बाजार को किस तरह बदल रहा है। विशेषज्ञ भविष्य के कौशल, निरंतर प्रशिक्षण और शिक्षा नीति में सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश डालेंगे।
4. एआई से न्यायिक व्यवस्था में सुधार
इस सत्र में अदालतों में लंबित मामलों को कम करने के लिए एआई आधारित केस मैनेजमेंट, कानूनी शोध और वर्चुअल सुनवाई जैसे उपायों पर विचार होगा। लक्ष्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है।
5. सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील एआई
यह सत्र इस बात की पड़ताल करेगा कि सामाजिक मूल्य और सांस्कृतिक विविधताएं एआई को स्वीकार करने और अपनाने को कैसे प्रभावित करती हैं।
6. स्मार्ट और जलवायु अनुकूल कृषि के लिए एआई
विशेषज्ञ बताएंगे कि एआई तकनीक किसानों को मौसम आधारित सलाह, फसल प्रबंधन और टिकाऊ खेती में किस तरह मदद कर सकती है। डेटा की उपलब्धता और समान पहुंच जैसे मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा होंगे।
इस सम्मेलन की मूल थीम तीन स्तंभों पर आधारित है, लोग, पर्यावरण और प्रगति। इसका मकसद यह दिखाना है कि एआई केवल तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का माध्यम भी है। सड़क सुरक्षा, कृषि, न्याय और रोजगार जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक समाधान खोजने पर जोर रहेगा।
समिट के साथ आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में 300 से अधिक प्रदर्शनी मंडप लगाए गए हैं। यहां 600 से ज्यादा स्टार्टअप और 13 देशों के पवेलियन भाग ले रहे हैं। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में 2.5 लाख से अधिक आगंतुक, 3 हजार से ज्यादा वक्ता और 500 से अधिक सत्र होंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार 45 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल और करीब 20 वैश्विक नेता इसमें शामिल होंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres की उपस्थिति भी संभावित है।
सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva, स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sanchez, भूटान के प्रधानमंत्री Tshering Tobgay और श्रीलंका के राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake सहित कई प्रमुख नेता भाग लेंगे।
तकनीकी जगत से Sundar Pichai, Sam Altman, Dario Amodei, Alexandr Wang, Yann LeCun और Arthur Mensch जैसे दिग्गजों की मौजूदगी रहेगी। भारतीय उद्योग जगत से Mukesh D Ambani, Natarajan Chandrasekaran, Salil Parekh, Nikesh Arora और Shantanu Narayen के शामिल होने की उम्मीद है।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अन्य वैश्विक नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी, जिनमें एआई साझेदारी और तकनीकी सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। फ्रांस और ब्राजील के साथ एआई सहयोग पर विशेष चर्चा होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत को जिम्मेदार, समावेशी और व्यावहारिक एआई विकास के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह मंच न केवल विचारों के आदान प्रदान का अवसर देगा, बल्कि आने वाले वर्षों में एआई नीति और साझेदारी के नए रास्ते भी तय करेगा।