Tarique Rahman
बांग्लादेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान सोमवार को देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ मंत्रिपरिषद के सदस्य भी शपथ ग्रहण करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर दक्षिण एशिया के कई देशों के शीर्ष नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह के लिए पड़ोसी देशों के प्रधानमंत्रियों को निमंत्रण भेजे जा चुके हैं। हालांकि सप्ताहांत की छुट्टियों के कारण कुछ देशों से पुष्टि आने में समय लग सकता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित देशों के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति उनके पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों पर निर्भर करेगी। यदि किसी देश का प्रधानमंत्री शामिल नहीं हो पाता है तो उस देश का विदेश मंत्री या वरिष्ठ प्रतिनिधि समारोह में हिस्सा ले सकता है।
परंपरागत रूप से बांग्लादेश के राष्ट्रपति भवन ‘बंगाभवन’ के दरबार हॉल में प्रधानमंत्री और मंत्रियों को शपथ दिलाई जाती है। लेकिन इस बार समारोह का आयोजन जातीय संसद भवन, यानी जातीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में किया जाएगा। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस बार मेहमानों की संख्या अधिक होने के कारण दरबार हॉल पर्याप्त नहीं था, इसलिए बड़े आयोजन के मद्देनजर स्थान बदला गया है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि तारिक रहमान ने मंत्रिमंडल गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुरुआती चरण में कैबिनेट का आकार सीमित रखा जाएगा। बाद में परिस्थितियों के अनुसार मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। ऐसे में सोमवार को शपथ लेने वाले मंत्रियों की संख्या कम रहने की संभावना है।
ढाका की ओर से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण देने की प्रक्रिया चल रही है। बताया जा रहा है कि इस संबंध में नई दिल्ली को जानकारी दे दी गई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी 17 फरवरी को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता में व्यस्त रहेंगे, इसलिए उनके ढाका जाने की संभावना कम मानी जा रही है। ऐसे में भारत की ओर से किसी वरिष्ठ प्रतिनिधि के समारोह में शामिल होने की उम्मीद है।
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी और तारिक रहमान के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान मोदी ने बांग्लादेश संसदीय चुनाव में उनकी पार्टी की उल्लेखनीय जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के प्रयासों में नए नेतृत्व के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
मोदी ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए शांति, प्रगति और समृद्धि के साझा लक्ष्य की बात दोहराई।
तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में दक्षिण एशियाई देशों की भागीदारी पर क्षेत्रीय राजनीति की भी नजर रहेगी। बांग्लादेश और उसके पड़ोसी देशों के बीच संबंधों की दिशा को लेकर यह समारोह अहम संकेत दे सकता है। नई सरकार की प्राथमिकताएं और विदेश नीति का रुख आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के इस मौके को न केवल घरेलू बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोमवार का दिन देश की राजनीतिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।