facebookmetapixel
Advertisement
BS Manthan 2026: भारत में अवसरों की भरमार, सरकार के लिए हर इंडस्ट्री एकसमान – FM सीतारमणटेक और AI बदल रहे भारत में प्रतिस्पर्धा का माहौल: CCI चेयरपर्सन रवनीत कौरचीन से क्या सीखकर बदलेगा भारत का भविष्य? अमिताभ कांत ने बताया रास्तादूसरे देशों पर टैरिफ लगाकर इनकम टैक्स खत्म करने की तैयारी में ट्रंप! ऐलान ने मचाई हलचलसिर्फ इकोनॉमिक ग्रोथ काफी नहीं, ह्यूमन डेवलपमेंट पर भी फोकस जरुरी: BS मंथन में बोले अमिताभ कांतऊंची ब्याज दरों के बावजूद चमका सोना, बदल रही है निवेशकों की सोचBS Manthan 2026: भारत के भविष्य का ब्लूप्रिंट आज होगा तैयार, मंच पर होंगे निर्मला सीतारमण और प्रल्हाद जोशी; जानें किस सेशन में क्या खासGold-Silver Price Today: MCX पर सोना 1.60 लाख के पार, चांदी में भी तूफानी तेजी; गहने खरीदने से पहले चेक करें आज के रेटUS Tariffs: भारत के सोलर कारोबार पर ट्रंप का टैरिफ वार, 126% शुल्क से मचा हड़कंपBusiness Standard Manthan – 2026 | Day 2- Hall 2

हर 3 में से 2 बुजुर्ग तकनीक से भ्रमित, 51% को डिजिटल बातचीत में गलती का डर

Advertisement

'अंडरस्टैंडिंग इंटर-जनरेशनल डायनेमिक्स ऐंड परसेप्शन ऑन एजिंग' शीर्षक वाला अध्ययन 15 जून को होने वाले विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस से पहले शुक्रवार को जारी किया गया

Last Updated- June 13, 2025 | 11:03 PM IST
senior citizens

देश के हर तीन में दो वरिष्ठ नागरिकों (66 फीसदी) को प्रौद्योगिकी भ्रमित करती है और आधे से अधिक बुजुर्ग आबादी (51 फीसदी) को ऐसा लगता है कि डिजिटल तकनीक से बातचीत के दौरान उनसे गलतियां हो सकती हैं। हेल्पएज इंडिया के एक हालिया अध्ययन से इसका खुलासा हुआ है। ‘अंडरस्टैंडिंग इंटर-जनरेशनल डायनेमिक्स ऐंड परसेप्शन ऑन एजिंग’ शीर्षक वाला अध्ययन 15 जून को होने वाले विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस से पहले शुक्रवार को जारी किया गया है।

अंतर पीढ़ीगत संबंधों और एक-दूसरे के परस्पर नजरिये को देखना के उद्देश्य के साथ यह अध्ययन 10 महानगरों और गैर महानगरों में किया गया था। सर्वेक्षण में कुल 5,798 लोग शामिल थे, जिनमें 70 फीसदी उत्तरदाता 18 से 30 साल आयु वर्ग वाले युवा थे और 30 फीसदी 60 फीसदी से अधिक के वरिष्ठ नागरिक थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, बुजुर्ग अपनी डिजिटल साक्षरता के लिए युवाओं को देखते हैं, जिनेम 54 फीसदी उनके बच्चे और 50 फीसदी पोते-पोतियां इसके लिए उनके मार्गदर्शक बनते हैं। मगर 78 फीसदी युवाओं को लगता है कि डिजिटल कौशल सीखने में बुजुर्गों का रवैया उदासीन है और 66 फीसदी युवाओं का मानना है कि वे भूल जाते हैं। सर्वेक्षण में शामिल 44 फीसदी बुजुर्गों को डिजिटल प्रौद्योगिकी के बारे में दोबारा पूछने में शर्म महसूस होती है, जबकि 24 फीसदी बुजुर्गों को लगता है कि इससे उपकरण खराब हो सकते हैं।

हेल्पएज इंडिया के मुख्य कार्य अधिकारी रोहित प्रसाद ने बताया, ‘भारत में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और पारिवारिक संबंध दमदार है। लगभग 86 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि उन्हें ऐसा महसूस होता है। मगर इसके पीछे एक चिंताजनक वास्तविकता भी है कि बुजुर्ग भावनात्मक रूप से काफी अलग-थलग महसूस करते हैं और उन्हें ऐसा लगता है कि उनकी बातों को परिवार में तवज्जो नहीं दी जाती है।’

डिजिटल उपकरणों और टूल्स तक पहुंच के मामले में अधिकतर बुजुर्गों (71 फीसदी) को बेसिक फीचर वाले मोबाइल फोन उपयोग करने में आसानी होती है और केवल 41 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि वे स्मार्टफोन चलाते हैं।
ऑनलाइन सेवा का उपयोग करने वाले सिर्फ 5 फीसदी ही बुजुर्ग हैं और 13 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि वे कंप्यूटर चलाते हैं और 13 फीसदी बुजुर्गों ने ही सोशल मीडिया के उपयोग के बारे में बताया।

ऑनलाइन सेवाओं की अगर बात करें तो 50 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने कभी भी बिजली, पानी, मोबाइल रिचार्ज आदि यूटिलिटी बिलों का ऑनलाइन भुगतान नहीं किया है। 45 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि उन्होंने कभी ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग नहीं किया है।

Advertisement
First Published - June 13, 2025 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement