अपने कई मुख्य सेगमेंटों में शानदार वृद्घि की मदद से मैरिको का सितंबर तिमाही में वित्तीय प्रदर्शन बाजार अनुमानों के अनुरूप रहा। कंपनी ने सितंबर तिमाही में समेकित राजस्व में सालाना आधार पर 21.6 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की। कंपनी के राजस्व में 77 प्रतिशत योगदान रखने वाले घरेलू व्यवसाय ने शानदार 24 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की, हालांकि घरेलू सेगमेंट के लिए बिक्री वृद्घि 8 प्रतिशत पर कमजोर रही।
हेयर ऑयल सेगमेंट में, पैराशूट ने 18 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की, और इसमें से ज्यादातर योगदान बिक्री में 7 प्रतिशत तक सुधार का रहा। सभी बाजारों में मजबूत पैठ से पैराशूट खंड में बाजार भागीदारी 180 आधार अंक तक बढ़ी। आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च के संजय मान्याल के अनुसार, आगामी प्रदर्शन के लिए मुख्य बदलावों में पैराशूट में बाजार भागीदारी वृद्घि भी शामिल है, लेकिन क्षेत्रीय ब्रांडों को तेज जिंस कीमत उतार-चढ़ाव से निपटने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। वैल्यू एडेड हेयर ऑयल्स सेगमेंट (वीएएचओ) में 16 प्रतिशत वृद्घि को मजबूत बिक्री से मदद मिली थी। वीएएचओ सेगमेंट में 40 आधार अंक की तेजी मिड और प्रीमियम सेगमेंटों में मजबूती की वजह से दर्ज की गई थी।
सफोला खाद्य तेल खंड का प्रदर्शन सुस्त रहा, क्योंकि यह खाद्य तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से प्रभावित हुआ। हालांकि सफोला फूड्स ने ओट्स में 36 प्रतिशत की तेजी के साथ 70 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की गई। जहां फूड ब्रांडों में ई-कॉमर्स और आधुनिक चैनलों के जरिये अच्छी तेजी आई, वहीं कंपनी का ध्यान अब सामान्य व्यापार पर भी बना हुआ है जिससे उसे विकास के अगले चरण को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। कंपनी वित्त वर्ष 2022 में फूड पोर्टफोलियो में 500 करोड़ रुपये के राजस्व आंकड़े को छूने की राह पर तेजी से बढ़ रही है, जबकि उसने वित्त वर्ष 2024 तक इस व्यवसाय को बढ़ाकर 850-1,000 करोड़ रुपये पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। ओट्स के अलावा, खाद्य व्यवसाय में, शहद, सोया चंक और च्यवनप्राश शामिल हैं।
प्रबंधन ने कहा है कि उसके 90 प्रतिशत पोर्टफोलियो ने बाजार भागीदारी वृद्घि दर्ज की है। जहां भागीदारी वद्घि सकारात्मक है और ग्रामीण की रफ्तार शहारी वृद्घि से ज्यादा रही है, वहीं कंपनी ने कहा है कि ग्रामीण वृद्घि में कुछ नरमी आई है। अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय में, वियतनाम को छोड़कर अन्य क्षेत्रों ने अच्छींवृद्घि दर्ज की, बांग्लादेश और मेना क्षेत्र ने 16-20 प्रतिशत की वृद्घि को बढ़ावा दिया।
भले ही बिक्री मजबूत रही, लेकिन कच्चे माल की ऊंची कीमतों से मार्जिन पर दबाव पड़ा। ऊंची उत्पादन लागत की वजह से सकल मुलाफा सालाना आधार पर 560 आधार अंक घटकर 42.5 प्रतिशत रह गया। खासकर राइस ब्रान और पैकेजिंग मैटेरियल में बड़ी तेजी दर्ज की गई। हालांकि सकारात्मक बात यह रही कि कोपरा (हेयर ऑयल सेगमेंट के लिए उत्पादन सामग्री) कीमतें एक साल पहले की अवधि के मुकाबले 5 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 11 प्रतिशत नीचे आईं। कंपनी ने संकेत दिया है कि खाद्य तेल पर आयात शुल्क में कमी से भविष्य में कीमतों में नरमी लाने में मदद मिलेगी। इससे दिसंबर तिमाही में सकल मार्जिन सुधारने में मदद मिल सकती है। मार्च तिमाही में परिचालन मार्जिन में सुधार आने की संभावना है, क्योंकि तीसरी तिमाही में विज्ञापन खर्च बढ़ेगा। अल्पावधि में मार्जिन दबाव को देखते हुए, सीएलएसए ने वित्त वर्ष 2022 के लिए आय अनुमानों में 6 प्रतिशत तक की कमी की है। प्रभुदास लीलाधर के विश्लेषक अमनीश अग्रवाल भी मैरिको के मध्यावधि परिदृश्य पर सकारात्मक हैं और उन्हें वित्त वर्ष 2021-वित्त वर्ष 2024 की अवधि के दौरान बिक्री सालाना आधार पर 14.6 प्रतिशत तक बढऩे का अनुमान है। उन्होंने इस शेयर के लिए बनाए रखें की रेटिंग की है।