वित्त-बीमा

रीपो रेट में कटौती के बाद कर्ज की रफ्तार तेज, जमा से आगे बढ़ा ऋण; बैंकों के लिए फंड जुटाना बना चुनौती

बैंक दिसंबर तिमाही के दौरान 57,700 करोड़ रुपये जमा जुटाने में सफल रहा जबकि ऋण आवंटन बढ़कर 75,300 करोड़ रुपये हो गया

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सुब्रत पांडा   
आतिरा वारियर   
Last Updated- January 05, 2026 | 10:45 PM IST

चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में अधिकांश वाणिज्यिक बैंकों के ऋण आवंटन और उनकी जमा रकम (डिपॉजिट) में सालाना आधार पर दो अंक में वृद्धि दर्ज हुई। बैंकों के ये आंकड़े 2025 में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रीपो दर में कुल 125 आधार अंक की कमी के बाद ऋण मांग में सुधार का संकेत हैं। हालांकि, अधिकांश बैंकों की ऋण वृद्धि दर जमा वृद्धि से आगे रही जो 2026 में भी पूंजी जुटाने की चुनौतियां जारी रहने का संकेत दे रही है।

देश में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े कर्जदाता एचडीएफसी बैंक का ऋण आवंटन चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर लगभग 12 फीसदी बढ़कर 28.44 लाख करोड़ रुपये हो गया। बैंक के पास जमा रकम भी 11.5 फीसदी बढ़कर 28.59 लाख करोड़ रुपये हो गई।

कई तिमाहियों के बाद पहली बार बैंक के ऋण आवंटन की वृद्धि दर जमा वृद्धि की तुलना में अधिक रही है। बैंक दिसंबर तिमाही के दौरान 57,700 करोड़ रुपये जमा जुटाने में सफल रहा जबकि ऋण आवंटन बढ़कर 75,300 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में बैंक का ऋण-जमा अनुपात तिमाही आधार पर 65 आधार अंक बढ़ कर 99.5 फीसदी पर पहुंच गया। दूसरी तिमाही के अंत में बैंक का ऋण-जमा अनुपात 98.8 फीसदी रहा था।

जुलाई 2023 में एचडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय के बाद एचडीएफसी बैंक लगातार अपने ऊंचे ऋण-जमा अनुपात कमी लाता रहा है। बैंक ने यह अनुपात (जो 110 फीसदी के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था) दुरुस्त करने के लिए जानबूझकर वित्त वर्ष 2025 अपनी ऋण वृद्धि कम कर दी थी। बैंक ने पहले कहा था कि वह मोटे तौर पर वित्त वर्ष 2026 में बैंकिंग प्रणाली के अनुरूप ही कारोबार वृद्धि दर्ज करेगा और उसके बाद अपनी रफ्तार बढ़ाकर वित्त वर्ष 2027 में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाएगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि 15 दिसंबर को समाप्त हुई अवधि में ऋण आवंटन दर बढ़कर लगभग सालाना 12 फीसदी हो गई जबकि जमा वृद्धि और धीमी होकर 9.35 फीसदी रह गई।

मैक्वेरी कैपिटल के वित्तीय सेवा अनुसंधान प्रमुख सुरेश गणपति ने कहा, ‘एचडीएफसी बैंक कह रहा है कि वह वित्त वर्ष 2027 में बैंकिंग प्रणाली की समग्र वृद्धि दर से आगे निकलना चाहता है। मगर मौजूदा समय में वह इस लक्ष्य के 90 फीसदी के इर्द-गिर्द भी नहीं पहुंच पाएगा क्योंकि व्यावहारिक रूप से ऐसा करना मुश्किल होगा।’ ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा,‘हम उम्मीद करते हैं कि एलडीआर में वृद्धि से निकट अवधि में मार्जिन को कुछ हद तक सहारा मिलेगा जो दर में कटौती के कारण ऋण के पुनर्मूल्यांकन के उलट है।’

मजबूत कारोबारी आंकड़ों के बावजूद एचडीएफसी बैंक का शेयर सोमवार को 2.35 फीसदी गिरकर 977.70 रुपये पर बंद हुआ जबकि वृहद सूचकांक मात्र 0.4 फीसदी नीचे फिसला। इक्विनॉमिक्स के संस्थापक जी चोक्कालिंगम ने कहा, ‘कारोबारी आंकड़े अच्छे दिख रहे हैं। शायद कुछ एफपीआई ने अच्छी खबर देखकर मुनाफावसूली की होगी।

ऊंचे ऋण-जमा अनुपात को लेकर कुछ चिंता हो सकती है। ऊंचा अनुपात इस बात का संकेत है कि जमा वृद्धि ऋण की मांग के अनुरूप नहीं है। आदर्श रूप से यह अनुपात 70-80 फीसदी की हद में रहनी चाहिए। अगर यह 80 फीसदी से अधिक है तो इसका मतलब है कि आप अत्यधिक उधार दे रहे हैं जिससे भविष्य में ऋण फंसने की आशंका बढ़ सकती है।’ बैंकिंग प्रणाली का ऋण-जमा अनुपात यानी सीडी रेश्यो 81 फीसदी से अधिक अब तक के उच्चतम स्तर पर है क्योंकि ऋण वृद्धि और जमा वृद्धि के बीच का अंतर और बढ़ गया है। एचडीएफसी बैंक का कासा जमा औसत 9.9 प्रतिशत बढ़कर 8.98 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

निजी क्षेत्र के एक अन्य ऋणदाता कोटक महिंद्रा बैंक का शुद्ध ऋण आवंटन सालाना आधार पर 16 फीसदी बढ़कर 4.80 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि जमा राशि 14.6 फीसदी बढ़कर 5.42 लाख करोड़ रुपये हो गई। येस बैंक का ऋण आवंटन 5.2 फीसदी तेजी के साथ 2.56 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि जमा राशि 5.5 फीसदी बढ़कर 2.92 लाख करोड़ रुपये हो गई।

बंधन बैंक का ऋण आवंटन सालाना 10 फीसदी बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि कुल जमा राशि 11.1 फीसदी बढ़कर 1.57 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। सिस्टेमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ‘ऋण आवंटन की गति अच्छी बनी हुई है जबकि असुरक्षित खंड में दबाव कम होने का सिलसिला जारी है। आने वाले समय में कम ब्याज दरों और जीएसटी दरों में कमी के कारण ऋण आवंटन में वृद्धि मजबूत बनी रहेगी।’

सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ बैंकों को छोड़कर अधिकांश के ऋण और जमा में वृद्धि दो अंक में रही। बैंक ऑफ बड़ौदा की जमा राशि सालाना 11.13फीसदी बढ़कर 13.07 लाख करोड़ रुपये हो गई जबकि ऋण आवंटन 13.54 फीसदी बढ़कर 10.95 लाख करोड़ रुपये हो गया। यूनियन बैंक के कारोबारी आंकड़े थोड़े कमजोर रहे। इसके ऋण आवंटन में सालाना 7.4 फीसदी वृद्धि हुई जबकि जमा रकम 3.35 फीसदी बढ़ी। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कुल जमा राशि 31 दिसंबर 2025 तक सालाना 13.23फीसदी बढ़कर 4.50 लाख करोड़ रुपये हो गई जिसमें कासा जमा 8.53 फीसदी बढ़कर 2.12 लाख करोड़ रुपये हो गया। ऋण 19.6 फीसदी बढ़कर 3.24 लाख करोड़ रुपये हो गई। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के लिए कुल जमा राशि सालाना 15.40 फीसदी बढ़कर 3.23 लाख करोड़ रुपये हो गया, कासा जमा 1.60 लाख करोड़ रुपये हो गया।

(साथ में मुंबई से सुंदर सेतुरामन)


(डिस्क्लेमरः कोटक परिवार द्वारा नियंत्रित संस्थाओं की बिजनेस स्टैंडर्ड प्राइवेट लिमिटेड में बहुलांश हिस्सेदारी है)

First Published : January 5, 2026 | 10:17 PM IST