वित्त-बीमा

ऋण को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना दान नहीं: सीईए वी अनंत नागेश्वरन

अनंत नागेश्वरन बोले- बीमारी जैसे झटके कर्ज चुकाने में सबसे बड़ी बाधा, बैंकों को नए उधारकर्ताओं को अपनाना होगा

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रुचिका चित्रवंशी   
Last Updated- January 14, 2026 | 8:04 AM IST

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने मंगलवार को कहा कि कर्जदाताओं व कर्ज लेने वालों दोनों की रक्षा के लिए समावेशी फाइनैंस और स्वास्थ्य देखभाल बीमा व सामाजिक सुरक्षा के एक व्यापक इकोसिस्टम में शामिल किए जाने की जरूरत है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा को कर्ज से जोड़ना दान नहीं है, बल्कि खुद के वित्तीय विकास का तरीका है।

ग्लोबल इन्क्लूसिव फाइनैंस समिट में बोलते हुए सीईए ने कहा कि लोगों के पुनर्भुगतान में पिछड़ने का एक मुख्य कारण आलस्य या गैर जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी झटकों जैसी अप्रत्याशित घटनाएं हैं। उन्होंने कहा, ‘अच्छी तरह से डिजाइन की गई ऋण व्यवस्था भी अपने दम पर कुछ नहीं कर सकती। जब बीमारी हमला करती है तो उभरता कारोबार भी लड़खड़ा सकता है।’ नागेश्वरन ने मुख्यधारा के बैंकों से अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण की प्रक्रिया का दर्शक बनने के बजाय बल्कि नए उधारकर्ताओं के नए तरीकों को सक्रिय रूप से अपने मूल पोर्टफोलियो में शामिल करने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि गली में सड़क पर सामान बेचने वाले भी अनुशासित हो सकते हैं और बढ़ सकते हैं। सीईए ने कहा, ‘अब सवाल यह है कि क्या औपचारिक बैंकिंग प्रणाली वास्तविकता को पहचानने और उन्हें ओवरड्राफ्ट, बीमा और कार्यशील पूंजी की सुविधा प्रदान करने के लिए तैयार है।’

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को हमेशा के लिए सूक्ष्म उधारकर्ता नहीं रहना चाहिए और उसका व्यवसाय बढ़ने पर उसके पास अधिक वित्तीय विकल्प होने चाहिए।

First Published : January 14, 2026 | 8:04 AM IST