facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

मुनाफे की पटरी पर Yes Bank, अब बारी है रिटेल पोर्टफोलियो की उड़ान की: प्रशांत कुमार

Advertisement

येस बैंक के प्रबंध निदेशक प्रशांत कुमार ने कहा कि अगर आप पिछली छह तिमाहियों में बैंक का प्रदर्शन देखे तो इसकी कारोबारी वृद्धि और मुनाफे में निरंतरता का रुझान दिखा है।

Last Updated- May 04, 2025 | 10:14 PM IST
Prashant Kumar
येस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी प्रशांत कुमार | फाइल फोटो

येस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी प्रशांत कुमार ने मुंबई में अभिजित लेले और सुब्रत पांडा के साथ बातचीत में वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के नतीजों और बैंक की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। संपादित अंशः 

येस बैंक के पुनर्गठन के पांच साल बीत चुके हैं ऐसे में इस बैंक के लिए वृद्धि का अगला चरण कैसा रहेगा? 

अगर आप पिछली छह तिमाहियों में बैंक का प्रदर्शन देखे तो इसकी कारोबारी वृद्धि और मुनाफे में निरंतरता का रुझान दिखा है। पिछली चार तिमाहियों में मुनाफे में कोई कमी नहीं आई है। प्रत्येक तिमाही में मुनाफे में 10 फीसदी (तिमाही दर तिमाही) से अधिक सुधार हुआ है। हमने परिसंपत्ति गुणवत्ता की समस्या को हल कर लिया है और अब उद्योग की सबसे बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता में से एक हमारे बैंक की भी है। हमारी शुद्ध गैर-निष्पादित आस्तियां (शुद्ध एनपीए) 0.3 फीसदी है और प्रावधान कवरेज अनुपात 80 फीसदी है। हमारे ऋण की लागत में कमी आ रही है और सुरक्षा प्राप्तियों के लिए भी पूरा प्रावधान किया गया है। देनदारियों के मोर्चे पर हमारे चालू खाता और बचत खाता (कासा) अनुपात सुधार आ रहा है।

यह महत्वपूर्ण है कि हम मुनाफे में सुधार जारी रखें और अपनी प्रतिस्पर्धा के अनुरूप पहुंचे। पहला अहम पड़ाव, वित्त वर्ष 2027 तक 1 फीसदी परिसंपत्ति प्रतिफल (आरओए) के स्तर पर पहुंचना है। लेकिन हमारी आकांक्षा वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 1 फीसदी आरओए हासिल करना है। वित्त वर्ष 2025 में आरओए 0.6 फीसदी था लेकिन वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में आरओए 0.7 फीसदी था। हमें उम्मीद है कि अगले चार-पांच वर्षों में हम 1.5 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएंगे।

आपकी शुद्ध ब्याज आमदनी (एनआईआई) में 10 फीसदी की सालाना वृद्धि हुई है। आप इसे कैसे बढ़ाना चाहते हैं?

वित्त वर्ष 2025 में एनआईआई में वृद्धि परिसंपत्ति वृद्धि के अनुरूप थी। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि हमारी परिसंपत्ति वृद्धि  लगभग 7.8 फीसदी है। हमारी ऋण वृद्धि में बड़ी कंपनियों (12 फीसदी वृद्धि), लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) और मध्यम स्तर के बाजार सेगमेंट (20-25 फीसदी वृद्धि) का योगदान है। हम इन दोनों सेगमेंट के लिए इस तरह की वृद्धि जारी रखेंगे। केवल रिटेल में नकारात्मक वृद्धि थी जो एक रणनीतिक निर्णय था। वित्त वर्ष 2026 में हम अपने रिटेल पोर्टफोलियो में 10-12 फीसदी की वृद्धि करेंगे। यह कारोबार का केवल एक हिस्सा होगा जिसने वृद्धि में योगदान नहीं दिया है। बाकी के तीन हिस्से इसी तरह से बढ़ते रहेंगे। हम आक्रामक वृद्धि लक्ष्य की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। 

रिटेल में किन सेगमेंट पर आप 10-12 फीसदी की वृद्धि के लिए ज्यादा जोर देंगे?

चार सेगमेंट हैं जिन पर हम अपना ध्यान केंद्रित करेंगे जैसे कि कारोबारी ऋण, संपत्ति के बदले ऋण, व्यक्तिगत ऋण और किफायती आवास ऋण, पुरानी कार ऋण, कुछ वाणिज्यिक वाहन ऋण का संयोजन। लेकिन हम सतर्क और रूढ़िवादी रवैया अपनाते रहे हैं और हम किसी भी सेगमेंट में आक्रामक ऋण वृद्धि की संभावनाएं नहीं तलाश रहे हैं।

Advertisement
First Published - May 4, 2025 | 10:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement