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एसबीआई की विशेष पेशकश जारी

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Last Updated- December 11, 2022 | 12:25 AM IST

देश के सबसे बड़े ऋणदाता बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ऑटो और होम लोन की विशेष पेशकश को सितंबर 2009 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इस योजना के तहत बैंक ने पहले साल के दौरान नए होम लोन की ब्याज दरें  8 फीसदी और ऑटो लोन के लिए 10 फीसदी तय कर दिया है। मतलब यह कि ऋण लेने के पहले वर्ष में ब्याज की ये दरें नहीं बदली जाएंगी। बाद में प्रचलित दरों के आधार पर इसमें संशोधन किया जाएगा।
बैंक ने यह भी कहा है कि सितंबर 2009 तक होम लोन के ग्राहकों के लिए टॉप-अप लोन की दरें पहले साल में 8 प्रतिशत ही रहेंगी। एसबीआई ने फिर से दोहराया कि उसका यह कदम मांग में तेजी लाने के लिए है जबकि इसके प्रतिद्वंदी जिसमें एचडीएफसी भी शामिल है ने एसबीआई के इस कदम को क्लेश देने वाली पेशकश करार दिया और कहा कि इसके परिणामस्वरूप उधार लेने वाले केवल दूसरे बैंकों के खाते परिवर्तित करेंगे।
एचडीएफसी के अधिकारियों ने कहा कि एसबीआई के इस कदम के बाद बहुत अधिक ग्राहकों ने इस विशेष पेशकश का लाभ उठाने के लिए एसबीआई का रुख नहीं किया। एचडीएफसी ने अपनी प्रधान उधारी दरें घटाई हैं ताकि कम ब्याज दरों का लाभ अपने वर्तमान ग्राहकों को दे पाए।
दूसरी तरफ, एसबीआई ने अपनी प्रधान उधारी दरें नवंबर के बाद से 1.5 फीसदी घटाई हैं। अभी हाल में विभिन्न सार्वजनिक बैंकों द्वारा दरों में कटौती किए जाने में एसबीआई शामिल नहीं हुआ है। यह हाउसिंग, ऑटो तथा छोटे और मझोले उद्योगों के लिए विशेष ऋण योजना लेकर आया है।
जब इस बारे में एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक (रिटेल बैंकिंग) के प्रमुख नंदा कुमार से संपर्क किया गया तो उनका कहना था ‘बैंक ने विशेष आवासीय ऋण योजना के तहत 20,000 से ज्यादा ग्राहकों को 2,500 करोड रुपये के ऋणों का आवंटन किया है।’
उल्लेखनीय है कि एसबीआई ने अपनी यह विशेष योजना इसी साल फरवरी में घोषित की थी। नंदा ने कहा कि ठीक इसी तरह विशेष ऑटो ऋण योजना के प्रति भी लोगों में काफी दिलचस्पी देखी गई। इस योजना के तहत मिलने वाले ऋण का सबसे ज्यादा फायदा ऐसे लोगों ने उठाया जो मारुति, हुंडई और टाटा मोटर्स के एंट्री सेगमेंट के वाहन को खरीदना चाह रहे थे।
इन ऋणों में नैनों की बुकिंग शामिल नहीं है जो पिछले सप्ताह शुरू हुई है। नंदा कुमार ने यह भी कहा कि हमारी इस योजना के प्रति ग्राहकों ने काफी गंभीरता दिखाई है और देश में मांग की स्थिति मजबूत करने के लिए इस योजना के पांच महीने और बढाए जाने की संभावना है।

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First Published - April 14, 2009 | 5:40 PM IST

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