facebookmetapixel
2025 में भारत के शीर्ष 20 स्टार्टअप ने फंडिंग में बनाई बढ़त, पर छोटे स्टार्टअप को करना पड़ा संघर्षReliance Q3FY26 results: आय अनुमान से बेहतर, मुनाफा उम्मीद से कम; जियो ने दिखाई मजबूतीभारत-जापान ने शुरू किया AI संवाद, दोनों देशों के तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तारभारत अमेरिका से कर रहा बातचीत, चाबहार बंदरगाह को प्रतिबंध से मिलेगी छूट: विदेश मंत्रालयIndia-EU FTA होगा अब तक का सबसे अहम समझौता, 27 जनवरी को वार्ता पूरी होने की उम्मीदStartup India के 10 साल: भारत का स्टार्टअप तंत्र अब भी खपत आधारित बना हुआ, आंकड़ों ने खोली सच्चाई‘स्टार्टअप इंडिया मिशन ने बदली भारत की तस्वीर’, प्रधानमंत्री मोदी बोले: यह एक बड़ी क्रांति हैसरकार की बड़ी कार्रवाई: 242 सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइट ब्लॉकआंध्र प्रदेश बनेगा ग्रीन एनर्जी का ‘सऊदी अरब’, काकीनाडा में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा अमोनिया कॉम्प्लेक्सBMC Election: भाजपा के सामने सब पस्त, तीन दशक बाद शिवसेना का गढ़ ढहा

एसबीआई का लाभ 67 फीसदी बढ़ा

Last Updated- December 11, 2022 | 11:46 PM IST

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सितंबर तिमाही में शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 67 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की और बैंंक का कुल लाभ 7,627 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंंक के लाभ को कम प्रावधान से मदद मिली। यह बैंंक का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही लाभ है। एक साल पहले की समान अवधि में बैंक ने 4,574 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।
बैंंक की शुद्ध ब्याज आय इस अवधि में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 10.65 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 31,184 करोड़ रुपये रही। क्रमिक आधार पर भी शुद्ध ब्याज आय में 12.83 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। देसी शुद्ध ब्याज मार्जिन दूसरी तिमाही में 3.50 फीसदी रहा, जो सालाना आधार पर 16 आधार अंक ज्यादा है जबकि क्रमिक आधार पर 35 आधार अंक ज्यादा। अन्य आय हालांकि सालाना आधार पर 3.75 फीसदी घटकर 8,208 करोड़ रुपये रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 8,528 करोड़ रुपये रही थी।
जुलाई-सितंबर तिमाही में एचडीएफसी बैंक ने सबसे ज्यादा तिमाही लाभ 8.834 करोड़ रुपये दर्ज किया था, जो एसबीआई के तिमाही लाभ के मुकाबले ज्यादा है।
कर्ज पर नुकसान के लिए प्रावधान इस दौरान सालाना आधार पर 52 फीसदी और क्रमिक आधार पर 46 फीसदी घटकर 2,699 करोड़ रुपये रहा। बैंक कोविड संबंधी प्रावधान 6,000 करोड़ रुपये लेकर चल रहा है और प्रबंधन ने कहा कि साल के आखिर में वह फैसला लेगा कि क्या इस प्रावधान को वापस किया जा सकता है। इसके अलावा बैंंक ने फैमिली पेंशन के नियमोंं में बदलाव के लिए 7,418 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जबकि नियामक ने उसे इस मामले में पांच साल तक इसे वितरित करने की छूट दी है।
बैंक ने नियामक के द्वितीय कोविड पुनर्गठन के तहत 17,317 करोड़ रुपये के कर्ज का पुनर्गठन किया और पहले कोविड पुनर्गठन के तहत 12,931 करोड़ रुपये के कर्ज का पुनर्गठन हुआ था।
दूसरी तिमाही में फंसे कर्ज में क्रमिक आधार पर 73 फीसदी की कमी आई और यह 4,176 करोड़ रुपये रहा, जो पहले 15,666 करोड़ रुपये रहा था। ऐसे में क्रमिक आधार पर और सालाना आधार पर परिसंपत्ति गुणवत्त्ता सुधरी और सकल एनपीए सितंबर तिमाही में 4.9 फीसदी रहा, जो इससे पिछली तिमाही में 5.32 फीसदी था और एक साल पहले की समान अवधि में 5.28 फीसदी। शुद्ध एनपीए भी घटकर 1.52 फीसदी रहा।
बैंंक के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने कहा, पहली तिमाही में खुदरा क्षेत्र में हमने फंसे कर्ज देखा था और हमने उसे वापस खींच लिया। इसी वजह से इस तिमाही में फंसा कर्ज काफी कम रहा। अब खातों को प्रदर्शन भी बेहतर है। अभी हमारे संग्रह की क्षमता 95 फीसदी के स्तर पर है।
बैंक का देसी कर्ज सालाना आधार पर 4.61 फीसदी बढ़ा और कुल  कर्ज 6.17 फीसदी की बढ़ोतरी  के साथ 25.3 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
बैंक की कुल जमाएं सालाना आधार पर 9.77 फीसदी की बढ़त के साथ 38.09 लाख करोड़ रुपये रही। देसी चालू खाते व जमा खाते 11.75 फीसदी की बढ़त के साथ 17.06 लाख करोड़ रुपये पर टिके। बुधवार को बैंक का शेयर बीएसई पर 1.72 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 530.65 रुपये पर बंद हुआ।

First Published - November 3, 2021 | 11:56 PM IST

संबंधित पोस्ट