facebookmetapixel
Advertisement
‘एक पर हमला, सब पर हमला’: पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने मक्का समझौते पर किए हस्ताक्षर‘NTA की लापरवाही और सुरक्षा खामियों से लीक हुआ प्रश्नपत्र’, नीट UG 2026 को लेकर CBI ने किया खुलासाविदेशी निवेश को मिलेगा सहारा, नए BIT मॉडल पर जल्द फैसला करेगी सरकार; खाका तैयारअमेरिका में जन्म से नागरिकता पाना होगा मुश्किल, ट्रंप ने जारी किए दो नए आदेशडीपफेक और AI कंटेंट पर सरकार ने बढ़ाई सख्ती, मेटा से मांगी सुधार की रिपोर्टFCRA संशोधन विधेयक पर अगले सप्ताह संसद में घमासान के आसार, सरकार ने आलोचना की खारिजRBI के नए ड्राफ्ट नियमों से NBFC पर बढ़ा दबाव, बजाज फाइनैंस समेत कई कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावटEditorial: डिजिटल पेमेंट को टिकाऊ बनाना है तो जीरो MDR पर नए सिरे से सोचना जरूरीशेयर बाजार में Authorized Persons के नियम होंगे कड़े, Brokers की Compliance जिम्मेदारी भी बढ़ेगीचार महीने की बिकवाली के बाद FPI की वापसी, भारतीय बाजार में Consumer और IT शेयरों पर फोकस

ट्रंप टैरिफ का भारत पर नहीं होगा ज्यादा असर, लॉन्ग टर्म में हो सकता है फायदा: RBI गवर्नर

Advertisement

 डीएफएस ने समिति को सूचित किया कि सरकार संसद के अगले सत्र में अनियमित ऋण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक ला सकती है।

Last Updated- April 30, 2025 | 6:34 AM IST
RBI Governor Sanjay Malhotra

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शीर्ष अधिकारियों ने मंगलवार को संसदीय समिति को डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क के भारत पर पड़ने वाले आर्थिक असर के बारे में अपने विचार साझा किए और कहा कि भारत पर इसका असर बहुत अधिक नहीं होगा।

अधिकारियों ने समिति से कहा कि चीन और अमेरिका के बीच घटते कारोबारी संबंधों से भारत को दीर्घावधि के हिसाब से लाभ हो सकता है।
कांग्रेस के लोक सभा सांसद केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में बनी लोक लेखा समिति (पीएसी) ने मंगलवार को दो बैठकें कीं। एक बैठक रिजर्व बैंक के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई जबकि एक बैठक वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) और कुछ सरकारी बैंकों के प्रबंध निदेशकों के साथ हुई। दोनों बैठकों का मुख्य विषय बैंकिंग में सुधार था।

रिजर्व बैंक के साथ हुई बैठक में रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा और डिप्टी गवर्नर राजेश्वर राव मौजूद थे। वहीं दूसरी बैठक में डीएफएस सचिव और भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन बैंक, केनरा बैंक, आईडीबीआई, पंजाब नैशनल बैंक के प्रबंध निदेशक मौजूद थे। शुल्क को लेकर रिजर्व बैंक के गवर्नर और डिप्टी गवर्नर ने बताया कि केंद्रीय बैंक अभी भी असर का विश्लेषण कर रहा है, लेकिन उसका दृष्टिकोण सकारात्मक है कि इसका कोई भीषण असर नहीं पड़ेगा। डीएफएस ने समिति को सूचित किया कि सरकार संसद के अगले सत्र में अनियमित ऋण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी विधेयक ला सकती है।

Advertisement
First Published - April 29, 2025 | 10:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement