facebookmetapixel
Advertisement
ITC Q1 Results: मुनाफा 27% घटकर ₹3,579 करोड़ रहा, पर कमाई 28% बढ़कर ₹26,943 करोड़ हुई146% बढ़े SMS स्कैम के मामले! बैंक खाता पूरी तरह खाली हों, उससे पहले ही ऐसे पहचानें ठगों के फर्जी मैसेजHAL से ₹2,205 करोड़ का ऑर्डर मिलते ही Astra Microwave के शेयर 14% उछले, बनाया 52 हफ्ते का हाईSun Pharma Q1 Results: सन फार्मा का मुनाफा 27% बढ़कर ₹2,895 करोड़, भारत कारोबार और इनोवेटिव मेडिसिन्स ने दिखाई दमदार बढ़तITR Filing Deadline 2026: आज रात 12 बजे तक भर लें ITR, वरना कल से लगेगी ₹5,000 तक पेनल्टी!Swiggy Instamart पर ब्रोकरेज बुलिश, ₹444 तक का टारगेट; मुनाफे के लिए चाहिए दोगुने ऑर्डरमई-जून में ही फाइल कर दिया ITR? आज रिटर्न भरने की आखिरी तारिख, उससे पहले दोबारा चेक करें ये जानकारियांदिल्ली की हर प्रॉपर्टी को मिलेगा Aadhaar! जानिए क्या है सरकार का नया Property ID प्लानअब ऑनलाइन बुक कर सकेंगे लगेज: रेलवे ने जारी किए नए नियम, जानिए पूरा प्रोसेस और लिमिटविदेशों में बढ़ रहा भारतीय कंपनियों का निवेश, अब कंस्ट्रक्शन सेक्टर भी दौड़ में; सिंगापुर फिर बना पहली पसंद

मार्च अंत तक सुधरेंगे हालात

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 9:41 PM IST

वित्त मंत्रालय ने कहा है कि अर्थव्यवस्था तेजी से गति पकड़ रही है और चालू वित्त वर्ष के अंत तक यह कोविड-19 से पूर्व के स्तर पर पहुंच सकती है। हालांकि मंत्रालय ने यह कहने से भी गुरेज नहीं किया कि महामारी की दूसरी लहर सारे किए कराए पर पानी फेर सकती है। मंत्रालय के अनुसार लोग अब कोविड-19 से बचाव को लेकर पहले जितने गंभीर नहीं लग रहे हैं।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) ने अक्टूबर की अपनी मासिक समीक्षा में कहा है कि उपभोग पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मिलने वाले सकारात्मक संकेत और अगले वर्ष कारोबारी उत्साह बेहतर रहने के अनुमानों से आर्थिक सुधार में और तेजी आने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुमान भी इसी तरफ इशारा कर रहे हैं। इस वैश्विक संस्था ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि 8.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो दुनिया के अन्य देशों की तुलना में अधिक कही जा सकती है।
मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में महामारी की दूसरी लहर को लेकर आगाह किया है। रिपोर्ट के अनुसार कोविड के सक्रिय मामले कम होने और मृत्यु दर में कमी से हालात तो सुधरे हैं, लेकिन यूरोपीय देशों और अमेरिका में कोविड-19 संक्रमण के मामले फिर बढऩे से चिंताएं पैदा हो गई हैं। डीईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अगर संक्रमण से बचने में पूरी मुस्तैदी नहीं दिखाई गई तो परिस्थितियां फिर बिगड़ सकती हैं।
रिपोर्ट में आगे आगे कहा गया है कि ज्यादातर लोग अब घरों से बाहर निकलने लगे हैं और ऐसे में सावधानी बरतना ही एकमात्र रास्ता है। रिपोर्ट के अनुसार सावधानी बरतते हुए ही आर्थिक गतिविधियां जारी रखी जा सकती हैं। वित्त मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि त्योहार के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी। मंत्रालय के अनुसार आने वाले महीनों में खपत और बढऩे की संभावना है, जिससे अर्थव्यवस्था सामान्य होने में मदद मिलेगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर में अर्थव्यवस्था की सेहत का अंदाजा देने वाले सभी संकेतकों में सुधार हुआ है। इसमें कहा गया है, ‘उदाहरण के लिए खरीफ फसलों की अच्छी पैदावार, बिजली उपभोग में तेजी सहित वाहनों की बिक्री सभी से सुधार के संकेत मिल रहे हैं। चालू वित्त वर्ष में देश की वृद्धि दर अनुमान से बेहतर रहने से संकेत मिल रहे हैं, जिससे दूसरे जरूरी विषयों पर ध्यान देने के लिए सरकार के पास विकल्प बढ़ जाएंगे।’

Advertisement
First Published - November 5, 2020 | 12:38 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement