अर्थव्यवस्था

India manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसला

एसऐंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित और शुक्रवार को जारी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई इंडेक्स नवंबर के 56.6 से गिरकर दिसंबर 2025 में 55 पर आ गया

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अहोना मुखर्जी   
Last Updated- January 02, 2026 | 10:16 PM IST

नए ऑर्डर कम होने और  सुस्त उत्पादन के कारण भारत के निजी क्षेत्र की विनिर्माण गतिविधियां दिसंबर में सुस्त होकर 24 साल के निचले स्तर पर आ गई हैं।

एसऐंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित और शुक्रवार को जारी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई इंडेक्स नवंबर के 56.6 से गिरकर दिसंबर 2025 में 55 पर आ गया। नए ऑर्डर, उत्पादन, रोजगार, आपूर्तिकर्ताओं की डिलिवरी के समय और खरीद सूचकांकों के आंकड़ों से पता चलता है कि विनिर्माण सूचकांक इसके पहले दिसंबर 2023 में 54.9 के निचले स्तर पर पहुंचा था। आंकड़े पिछले माह जारी 58.4 अंक फ्लैश पीएमआई से उल्लेखनीय रूप से कम हैं।  

विनिर्माण गतिविधियों के आंकड़े 50 अंक से ऊपर हैं, जिससे विस्तार का पता चलता है। इससे कम आंकड़े संकुचन दर्शाते हैं। समग्र आंकड़े लगातार 50वें महीने विस्तार के क्षेत्र में हैं। 

एसऐंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में एसोसिएट डायरेक्टर पॉलियाना डी लीमा ने कहा, ‘ वृद्धि की गति धीमी होने के बावजूद भारत के विनिर्माण उद्योग ने 2025 का समापन बेहतर रहा है। नए व्यवसाय में तेज वृद्धि से कंपनियों की व्यस्तता रह सकती है। महंगाई का दबाव कम रहने के कारण मांग बढ़ी हुई बनी रह सकती है।’

नए काम में बढ़ोतरी दिसंबर 2023 के बाद सबसे कम दर से हुई है, जबकि उत्पादन के स्तर का विस्तार अक्टूबर 2022 के बाद सबसे धीमी रफ्तार से हुआ है। कुल बिक्री में गिरावट से भी अंतरराष्ट्रीय ऑर्डरों की मात्रा का पता चलता है, जो 14 माह में सबसे धीमी गति से बढ़ा है।

इनपुट लागत इस दौरान ऐतिहासिक रूप से धीमी रफ्तार से बढ़ी है और उत्पादों का अंतिम मूल्य भी 9 महीने में सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ा है।

First Published : January 2, 2026 | 10:16 PM IST