एस्टी लॉडर कंपनीज के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन डी ला फावेरी
अमेरिकी सौंदर्य क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एस्टी लॉडर कंपनीज भारतीय लग्जरी आयुर्वेद ब्रांड फॉरेस्ट एसेंशियल्स का अधिग्रहण करने के लिए तैयार है। एस्टी लॉडर ने कहा कि उसने भारतीय लग्जरी आयुर्वेद ब्रांड में शेष 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक समझौता किया है, जो नियामकीय मंजूरी के अधीन है और इस लेनदेन के 2026 की दूसरी छमाही में पूरा होने की उम्मीद है। अधिग्रहण की राशि का खुलासा नहीं किया गया है।
उद्यमी मीरा कुलकर्णी द्वारा वर्ष 2000 में स्थापित फॉरेस्ट एसेंशियल्स अधिग्रहण के बाद भी भारत से ही नेतृत्त्व करना जारी रखेगी। कुलकर्णी इस ब्रांड में शीर्ष पर बनी रहेंगी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में ही रहेगा। उनके बेटे, कार्यकारी निदेशक समरथ बेदी अपनी नेतृत्व भूमिका में बने रहेंगे। एस्टी लॉडर ने घोषणा की, ‘ब्रांड भारत में अपने पूरी तरह से एकीकृत परिचालन पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखेगा, जिसमें शोध एवं विकास और घरेलू विनिर्माण शामिल हैं।’ एस्टी लॉडर का किसी भारतीय ब्रांड के साथ यह पहला जुड़ाव है।
एस्टी लॉडर कंपनीज के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन डी ला फावेरी ने न्यूयॉर्क शहर से बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि अधिग्रहण से फॉरेस्ट एसेंशियल्स की पहचान नहीं बदलेगी। नाम, उत्पाद रणनीति और मूल्य निर्धारण अपरिवर्तित रहेंगे और कुलकर्णी और उनकी टीम उत्पाद पोर्टफोलियो विकसित करने और इसकी रणनीति को आगे बढ़ाना जारी रखेंगी।
यह अधिग्रहण अमेरिकी सौंदर्य समूह की वैश्विक उपस्थिति के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है। डी ला फावेरी ने कहा कि प्रेस्टीज ब्यूटी ब्रांड फॉरेस्ट एसेंशियल्स को एस्टी लॉडर के मौजूदा पोर्टफोलियो के साथ मिलाकर (जिसमें एम. ए. सी., बॉबी ब्राउन, क्लिनिक, ला मेर, जो मलोन लंदन और एवेडा शामिल हैं) भारत कंपनी का सबसे बड़ा उभरता हुआ बाजार बन जाएगा। फॉरेस्ट एसेंशियल्स के मौजूदा समय पूरे भारत में लगभग 200 स्टोर हैं और इसकी शुद्ध बिक्री में दो अंक की वृद्धि होने का अनुमान है।