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अगस्त में फिर फिसला निर्यात

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Last Updated- December 15, 2022 | 1:55 AM IST

तीन महीने तक निर्यात में गिरावट कम होने के बाद अगस्त में एक बार फिर गिरावट बढ़ गई है। अगस्त में देश का निर्यात 12.6 फीसदी घटा है, जो जुलाई के 10.2 फीसदी की गिरावट से अधिक है। सर्वाधिक विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाले उत्पादों जैसे कि पेट्रोलियम, रत्न, इलेक्ट्रॉनिक्स और वस्त्र के निर्यात में खासी कमी आई है।
निर्यात में लगातार छह महीने से गिरावट का रुख बना हुआ है और अगस्त में कुल निर्यात 22.7 अरब डॉलर का रहा। कोविड और लॉकडाउन के कारण अप्रैल में निर्यात सबसे ज्यादा 60.28 फीसदी घटा था। सरकार उम्मीद कर रही थी अगस्त तक गिरावट एक अंक में रह जाएगी और सितंबर से निर्यात बढऩे लगेगा। वाणिज्य विभाग द्वारा आज जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष के पहली पांच महीनों में निर्यात पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 26.65 फीसदी घटा है।
अगस्त में आयात भी 26.04 फीसदी घटकर 29.47 अरब डॉलर रहा। जुलाई में आयात 28.4 फीसदी घटा था। बीते पांच महीनों से आयात में कमी देखी जा रही है। जून में व्यापार अधिशेष 80 करोड़ डॉलर था, लेकिन व्यापार घाटा चार महीने के उच्च स्तर 6.77 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। हालांकि विशेषज्ञों ने कहा कि त्योहारी मौसम से पहले सोने के आयात में 171 फीसदी का इजाफा होने से व्यापार घाटा बढ़ा है।
देश के प्रमुख निर्यात बाजारों यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों में महामारी के कारण आर्थिक नरमी आने से मांग पर जबरदस्त असर पड़ा है। अगस्त में 30 प्रमुख उत्पाद समूहों में से 15 का निर्यात अगस्त में घटा है। केवल दवाओं के निर्यात 17.3 फीसदी का इजफा हुआ है। पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में 40 फीसदी की गिरावट आई है जबकि जुलाई में इसमें 51.5 फीसदी की कमी आई थी। इंजीनिरिंग वस्तुओं का निर्यात 8 फीसदी घटकर 19.7 अरब डॉलर रहा। देश के कुल निर्यात में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब एक चौथाई है। भारत के इंजीनियरिंग निर्यात संवद्र्घन परिषद के चेयरमैन महेश देसाई ने कहा, ‘निर्यात में लगातार गिरावट वैश्विक बाजार में चुनौतियों का स्पष्ट संकेत है। दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्घ और भू-राजनीतिक जोखिम भी बढ़े हैं। ऐसे में जरूरी है कि सरकार निर्यातकों की मदद करे।’
वस्त्र, रत्न एवं आभूषण और इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं के निर्यात में भी कमी आई है। अगस्त में रत्न एवं आभूषणों के निर्यात में 43.2 फीसदी की गिरावट आई है। जून में इस क्षेत्र का निर्यात 50 फीसदी घटा था। अगस्त में कपड़ों का निर्यात 14 फीसदी घटा है। निर्यातकों के संगठन फियो के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ ने कहा, ‘कोविड के बावजूद दुनिया भर से निर्यात के लिए पूछताछ बढ़ी है। ऐसे में अगले कुछ महीनों में निर्यात में तेजी आ सकती है। हालांकि एमईआईएस बंद किए जाने  से एमएसएमई क्षेत्र के निर्यातकों को नकदी की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।’

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First Published - September 15, 2020 | 11:27 PM IST

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