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निर्माण व विनिर्माण क्षेत्र में तेजी

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Last Updated- December 12, 2022 | 4:10 AM IST

चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कृषि क्षेत्र के साथ निर्माण, विनिर्माण और वित्तीय सेवा क्षेत्रों में सकल मूल्य वद्र्धन (जीवीए) में इजाफा दर्ज हुआ। अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों का कहना है कि पहली, दूसरी और तीसरी तिमाही में रुकी आर्थिक गतिविधियां शुरू होने और चौथी तिमाही में उत्पादन में शानदार वृद्धि इसकी प्रमुख वजह रही। हालांकि निर्माण और विनिर्माण इन दो अहम खंडों में जीवीए में वृद्धि की मुख्य वजह पुरानी मांग रही, जो कोविड-19 महामारी की वजह से थम गई थी। विशेषज्ञों के अनुमार इन आंकड़ों से मिल रहे रहे संकेतों के अनुसार कोकविड-19 महामारी की दूसरी लहर से अर्थव्यवस्था के ज्यादातर खंडों पर असर हुआ है।
वित्त वर्ष 2020-21 की मार्च तिमाही ही में निर्माण खंड में 14.5 प्रतिशत की सरहानीय तेजी दिखी। जिन उपभोक्ताओं ने कोविड-19 महामारी और पहली तीन तिमाहियों में प्रतिकूल माहौल के कारण अपनी खरीदारी टाल दी थी उन्होंने जमकर आर्थिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। जनवरी के बाद कोविड-19 मामलों में कमी और पाबंदियां खत्म होने से उपभोक्ताओं के मिजाज पर सकारात्मक असर हुआ और इससे कंपनियों ने अपनी गतिविधियां भी तेज कर दीं।
विनिर्माण क्षेत्र की बात करें तो चौथी तिमाही में वृद्धि 6.9 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पहली तिमाही में शून्य से 4.2 प्रतिशत नीचे यानी ऋणात्मक रही थी। विनिर्माण संयंत्रों और उद्योगों का परिचालन में आई तेजी इसकी मुख्य वजह रही।  केयर रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘कमजोर आधार के बावजूद विनिर्माण क्षेत्र में दर्ज तेजी एक अच्छी बात है और इससे संकेत मिल रहा है कि वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही से आर्थिक गतिविधयों ने रफ्तार पकड़ी थी।’ उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवा क्षेत्र में जनवरी से मार्च अवधि में वृद्धि दर 5.4 प्रतिशत रही। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह दर 4.9 प्रतिशत रही थी। सबनवीस ने कहा कि वर्षांत में विधि पेशेवेरो, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य पेशेवेरों की तरफ से फाइलिंग बढऩे की वजह से यह तेजी आई।
कृषि एवं सहायक क्षेत्रों के आंकड़ों के अनुसार चौथी तिमाही में स्थिर कीमतों पर विकास दर कम होकर 3.1 प्रतिशत रह गई जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 6.8 प्रतिशत रही थी। खरीफ सत्र में फसलों की बंपर पैदावार हुई थी और इस वजह से ऊंचे आधार प्रभाव के कारण अंतर अधिक नहीं आया।  
हालांकि स्थिर कीमतों पर कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में जीवीएक चौथी तिामही में 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। पिछले वर्ष की समान अवधि यह 14.8 प्रतिशत रहने की बात कही गई थी। 

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First Published - May 31, 2021 | 11:31 PM IST

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