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बातचीत से हल होगा ब्लैकबेरी विवाद

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Last Updated- December 05, 2022 | 4:30 PM IST

कनाडा की अग्रणी संचार कंपनी रिसर्च इन मोशन (आरआईएम) ने संचार विभाग को आश्वासन दिया है कि वह भारत और कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों से बातचीत कराकर ब्लैकबेरी विवाद को सुलझा लेगी। ब्लैकबेरी मोबाइल ब्रांड आरआईएम कंपनी का है।


यह बात तब सामने आई है, जब सरकार ने ब्लैकबेरी सेवा प्रदाताओं को 31 दिसंबर 2007 से सेवाएं बंद करने का आदेश जारी किया था।


मंत्रालय ने इस बात पर सुरक्षा का सवाल उठाया था कि आरआईएम कनाडा सहित अन्य देशों में सेवाएं प्रदान करता है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी स्थिति में कंपनी की गतिविधियों पर नजर रख पाना संभव नहीं होगा। कंपनी के भारतीय सेवा प्रदाताओं ने कहा कि उन्होंने सरकार के नोटिस को गंभीरता से लिया है।


इसमें कुछ स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसके बाद मार्च तक के लिए सेवाएं चालू रखने की अनुमति मिली थी। पिछले सप्ताह संचार विभाग के साथ हुई बैठक के बाद आरआईएम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि वह विभाग, कनाडा की एम्बेसी और दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिल-जुलकर काम करेंगे। 


इसमंस एक्सेस की अंतरराष्ट्रीय कानून प्रक्रिया,  विकास से जुड़े सूत्रों के बारे में स्पष्ट रूप से नियमों का पालन होगा।रिम ने यह भी सूचित किया था कि लाइसेंस पाने वाले जो सेवा प्रदाता ब्लैकबेरी सेवाएं देते हैं (भारती एयरटेल, वोडाफोन, बीपीएल मोबाइल और रिलायंस) वे सूचनाओं का सारांश पेश करेंगे।


इसमें अधिकृ त सर्वर सूचना जैसे डाटा शामिल होंगे जिससे खुफिया विभाग को पूरी जानकारी मिलेगी।


अधिकृत सर्वर, ग्राहकों की वैधता का परीक्षण करेगा, उसके बाद ही डाटा एक्सेस करने की अनुमति मिलेगी। कंपनी प्रवक्ता ने कहा कि हर देश के कानून के मुताबिक ही वहां सेवाएं दी जाती हैं।

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First Published - March 10, 2008 | 9:50 PM IST

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