हम दो कोविड टीके पर शोध कर रहे हैं : पूनावाला

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 10:26 AM IST

मात्रा के लिहाज से टीका बनाने वाली विश्व की सबसे बड़ी कंपनी सीरम इंस्टीट््यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) कोविड-19 के टीके को लेकर सुर्खियों में रही है। कंपनी कोविड-19 टीके की 3.2 अरब खुराक की आपूर्ति करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह वित्त वर्ष 2020 में कंपनी के कुल 1.5 अरब खुराक के उत्पादन के मुकाबले दोगुना है। इससे जेनेवा के गैवी (पूर्व में ग्लोबल अलायंस फॉर वैक्सीन ऐंड इम्यूनाइजेशन) जैसी वैश्विक एजेंसियों के अलावा भारत के टीकाकरण कार्यक्रम के लिए भी खरीद की जाएगी। कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने सोहिनी दास से बातचीत में कहा कि कंपनी निजी इक्विटी के जरिये अतिरिक्त पूंजी नहीं जुटा रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी दो नए कोरोनोवायरस टीके पर अपने शोध कर रही है। पेश हैं मुख्य अंश:
 
अगले 5 से 10 वर्षों के दौरान कोविड और गैर-कोविड टीकों की मांग कैसी रहेगी?
 
यह वैश्विक महामारी हमारे लिए एक अनुभव रही है। इसने टीका विनिर्माताओं के महत्त्व को उजागर किया है। यह इस बात को भी उजागर करती है कि हमें अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान देना कितना महत्त्वपूर्ण है। मेरे विचार से आगामी दशक दुनिया भर में टीका उद्योग के लिए सबसे अच्छा होगा। फिलहाल लॉजिस्टिक संबंधी समस्याओं के कारण टीकों (गैर-कोविड) की मांग पर असर पड़ा है। कुछ देशों में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण ऐसा हुआ है जबकि कुछ अन्य देशों में सीमा शुल्क अधिक है तो कुछ में कार्गो की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। एसआईआई में हम अपने संयंत्रों, प्रौद्योगिकी और संसाधनों को उपयुक्त बनाने पर काम कर रहे हैं ताकि विकास के साथ-साथ वितरण प्रक्रियाओं को भी सुचारु और तेज किया 
जा सके। 
 
कोविड और गैर-कोविड टीकों की मांग को पूरा करने के लिए आपकी उत्पादन योजना क्या है?
 
हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि कोविड-19 को प्राथमिकता देते हुए सभी टीकों की आवश्यक मात्रा में आपूर्ति की जाए। हमने कोविड-19 टीके के उत्पादन के लिए भारत में दो संयंत्रों को समर्पित किया है। हमारे हदपसर संयंत्र सालाना उत्पादन क्षमता 1.5 अरब खुराक से अधिक है और इसके अलावा हमारे नए अत्याधुनिक सयंत्र के कारण हमारी उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 2.5 अरब खुराक हो जाएगी।
 
अब तक आपने कितना निवेश किया है? क्या आप रकम जुटाने के लिए निजी इक्विटी कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं?
 
कोविड-19 का टीका विकसित करने के लिए हमने 27 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। इसके अलावा सीरम, गैवी और बिल ऐंड मेलिंडा गेट्ïस फाउंडेशन ने कोविड-19 टीके तक सभी लोगों की उचित एवं बराबर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए साझेदारी की है। इसके तहत बिल ऐंड मेलिंडा गेट्ïस फाउंडेशन से हमने 30 करोड़ डॉलर अतिरिक्त हासिल किए हैं। फिलहाल हम निजी इक्विटी के जरिये कोई अतिरिक्त रकम नहीं जुटा रहे हैं।
 
आपने कुछ संभावित टीकों का उत्पादन टाल दिया था। उन्हें सुचारु करने की क्या योजना है?
 
हमने अपने कुछ अन्य टीकों के उत्पादन को फिलहाल टाल दिया है। हम इस अभूतपूर्व परिस्थिति से निपटने में तेजी लाने और अपनी क्षमता योजना के मद्देनजर ऐसा किया था। हम अन्य टीकों के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए परिचालन का नए सिरे से आकलन कर रहे हैं।
 
कोविड-19 के टीके की मांग कितने समय तक बरकरार रहने के आसार हैं?
 
हालांकि टीकाकरण के पूरे कवरेज से निश्चित तौर पर वायरस के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी लेकिन यह बताना फिलहाल संभव नहीं है कि यह बीमारी कब तब जाएगी। पूरी दुनिया की आबादी के टीकाकरण में दो से तीन साल लग जाएंगे।
 
यह दो खुराक वाला टीका है और ऐसे में दूसरी खुराक को सुनिश्चित करने के लिए आपूर्ति संबंधी आपकी क्या योजना है? 
 
यह टीका 28 दिनों के अंतराल पर दिया जाएगा। इसके वितरण की व्यवस्था सरकारी संस्थाओं और स्वास्थ्य मंत्रालय के जरिये की जा रही है।

First Published : December 25, 2020 | 9:58 PM IST