देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का संचयी शुद्घ मुनाफा चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 14.1 फीसदी बढ़कर 9,624 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी को 8,433 करोड़ रुपये का शुद्घ मुनाफा हुआ था। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि शुद्घ मुनाफे में कानूनी दावे के लिए 1,218 करोड़ रुपये के रखे गए प्रावधान को शामिल नहीं किया गया है। अगर इस आंकड़ा को शामिल किया जाए तो सितंबर 2020 में शुद्ध लाभ 7,475 करोड़ रुपये रहता। पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी का शुद्घ मुनाफा 6.8 फीसदी बढ़ा है।
कंपनी की आय 2021-22 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 46,867 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 40,135 करोड़ रुपये से 16.8 फीसदी अधिक है। टीसीएस के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथ ने कहा कि मजबूत और सतत मांग का माहौल कंपनी को अपने ग्राहकों के लिए पसंदीदा वृद्धि और गतिशील भागीदार के रूप में स्थापित करने का अवसर है।
उन्होंने कहा, ‘हम मौजूद अवसरों का उपयोग करते हुए अपनी क्षमताओं को मजबूत करने और उत्पादों का व्यापक पोर्टफोलियो तैयार करने को लेकर निवेश कर रहे हैं। इस पहल का मकसद विभिन्न श्रेणी के ग्राहकों की जरूतों को पूरा करना, ब्रांड को मजबूत बनाना तथा अपने कारोबार को सुदृढ़ करना है।’ कंपनी ने प्रति शेयर 7 रुपये का अंतरिम लाभांश देने की घोषणा की है।
टीसीएस के मुख्य वित्त अधिकारी समीर सेकसरिया ने कहा, ‘मजबूत वृद्घि और बेहतर क्रियान्वयन ने हमें मुद्रा में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति पक्ष की चुनौतियों से उबरने में मदद की और इस दौरान हमारे कारोबार का मार्जिन भी सुधरा है।’ टीसीएस ने सितंबर 2021 को समाप्त तिमाही में शुद्ध रूप से 19,690 नए कर्मचारियों की नियुक्ति की। इसके साथ उसके कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 5,28,748 हो गई है।