भारतीय इस्पात कंपनी टाटा स्टील ने ब्रिटेन की एक वाणिज्यिक अदालत में ब्रिटिश भारतीय इस्पात कारोबारी संजीव गुप्ता के नेतृत्व वाली जीएफजी अलायंस (लिबर्टी स्टील की मालिक) के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। यह मामला वर्ष 2017 से खरीद से जुड़े भुगतान में गड़बड़ी से संबंधित है।
लिबर्टी स्टील ने टाटा समूह का स्पेशियलिटी स्टील व्यवसाय खरीदने की पेशकश की थी, जिससे यॉर्कशायर, लेंकाशयर और वेस्ट मिडलैंड्स में 1,700 से ज्यादा लोग कार्यरत थे और इस सौदेे का मूल्य 10 करोड़ पौंड पर अनुमानित था, जिसे टाटा स्टील ने मई 2017 में पूरा करने की घोषणा की थी। अब यह पता चला है कि उस सौदे में भुगतान को लेकर गड़बड़ी हुई जिससे टाटा को लिबर्टी स्पेशियलिटी स्टील्स, लिबर्टी हाउस ग्रुप पीटीई और स्पेशियलिटी स्टील यूके के खिलाफ कार्यवाही शुरू करनी पड़ी। ये सभी कंपनियां जीएफजी अलायंस का हिस्सा हैं। टाटा स्टील के एक अधिकारी ने गुरुवार को कहा, ‘चूंकि अब यह एक सक्रिय मामला है, इसलिए, हम इस बारे में कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं कर रहे हैं।’ जीएफजी अलायंस पर दबाव पहले से ही बना हुआ है, क्योंकि वह अपनी मुख्य समर्थक ग्रीनसिल कैपिटल के पतन के बाद पैदा हुए संकट से उबरने की कोशिश कर रही है।
जीएफजी अलायंस के एक अधिकारी ने कहा, ‘जहां हमारे ज्यादातर प्रमुख व्यवसाय अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं ब्रिटेन में कुछ व्यवसायों को कोविड-19 महामारी की वजह से दबाव से जूझना पड़ा है और ग्रीनसिल कैपिटल संकट की वजह से हमारे ब्रिटिश व्यवसाय के लिए कार्यशील पूंजी सहायता घटी है, जबकि हम नए वित्त की संभावना तलाश रहे हैं।’
ब्रिटेन सरकार ने कहा है कि वह हजारों नौकरियां बचाने के समाधान तलाशने की कोशिश में कंपनी और व्यापार यूनियनों के साथ लगातार बातचीत कर रही है।