टाटा मोटर्स का मानना है कि साल 2030 तक उसके छोटे वाणिज्यिक वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की पैठ 25 से 30 फीसदी हो जाएगी। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि इंट्रा-सिटी श्रेणी में बैटरी से चलने वाले वाहनों की उपलब्धता से इस बदलाव को रफ्तार मिलेगी।
टाटा समूह की प्रमुख कंपनी ने पिछले दिनों एस ईवी का अनावरण किया। कंपनी इस मॉडल की डिलिवरी सितंबर तिमाही से शुरू करेगी क्योंकि उसकी नजर ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा दूरदराज के इलाकों में डिलिवरी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों की बढ़ती मांग पर है। टाटा मोटर्स सालाना 1,50,000 एस की बिक्री करती है। इसमें से सालाना करीब 20,000 वाहनों की खरीद ई-कॉमर्स कंपनियां करती हैं।
टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘फिलहाल मांग और आपूर्ति के बारे में कुछ भी पता नहीं है लेकिन छोटे वाणिज्यिक वाहन श्रेणी में इसकी 25 से 30 फीसदी पैठ को देखना कोई अचरज की बात नहीं होगी।’ उन्होंने कहा कि एस ईवी कंपनी के वाणिज्यिक वाहन कारोबार में एक नई शुरुआत है। करीब 17 साल पहले एस को विकसित करने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका थी। यह एक एसा मॉडल है जिसने दूरदराज के इलाकों में डिलिवरी वाली श्रेणी में कई मायनों में क्रांति पैदा कर दी थी।
यह पूछे जाने पर कि क्या इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन कारोबार को भी यात्री वाहन कारोबार की तरह एक अलग कंपनी के तौर पर स्थापित करते हुए रकम जुटाने की योजना है, वाघ ने कहा कि टाटा मोटर्स के यात्री वाहन कारोबार ने संभावनाओं को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल हम क्षमता निर्माण और कारोबार को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इससे मूल्यांकन लगातार बढ़ता रहेगा। इसलिए हम उसे किसी पड़ाव के तौर पर नहीं देख रहे हैं।’
इलेक्ट्रिक के अलावा टाटा मोटर्स अपने वाणिज्यिक वाहनों के लिए हाइड्रोजन और एलएनजी प्रौद्योगिकी पर भी काम कर रही है।
ईवी एस कार्गो श्रेणी में कंपनी की पहली पेशकश है। टाटा मोटर्स ने करीब 675 इलेक्ट्रिक बसों की बिक्री की है जिनका परिचालन नौ शहरों में हो रहा है। कुल मिलाकर इन बसों ने 3.4 करोड़ किलोमीटर का सफर किया है।
एक टन के दायरे वाली श्रेणी में 2005 में लॉन्च एस के ईवी संस्करण की कीमतों का खुलासा इस मॉडल के वाणिज्यिक लॉन्च के समय किया जाएगा।
टाटा मोटर्स ने कई ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें एमेजॉन, बिग बास्केट, सिटी लिंक,डीओटी, फ्लिपकार्ट, लेट्स ट्रांसपोर्ट, मोविंग और येलो ईवी शामिल हैं। इन कंपनियों से एस ईवी के लिए कुल मिलाकर 39,000 वाहनों के लिए ऑर्डर मिले हैं।