कोविड-19 का टीका खरीदने पर होने वाले खर्च का इंतजाम करने के लिए माथापच्ची चल रही है। केंद्र ने राज्य सरकारों को इसके लिए बैंक गारंटी पर विचार करने की सलाह दी है। कुछ राज्यों ने इस सलाह पर दवा कंपनियों से चर्चा शुरू भी कर दी है।
इस गारंटी से राज्यों को टीके की कीमत का भुगतान एक से ज्यादा वित्त वर्ष के भीतर करने की सहूलियत मिल जाएगी। मगर ऐसा भी नहीं है कि कंपनियों को टीके की खेप भेजने से पहले सरकारी संस्थानों से कोरा आश्वासन भर मिलेगा। कंपनियां टीके की खुराकें सीधे जिलों में भेजेंगी, जहां उनका भंडारण होगा। चूंकि टीके की ढुलाई का पूरा जिम्मा राज्य सरकारों का होगा, इसलिए केंद्र को लगता है कि कंपनियों के साथ वित्तीय बातचीत भी उन्हें ही करनी चाहिए।
बैंक गारंटी का रास्ता कुछ इस तरह का होगा। हरेक राज्य टीकों के लिए एक या दो सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के साथ करार करेगा। वहां की सरकार करार करने वाली कंपनियों को बैंक गारंटी देगी और कुछ पेशगी भी दी जाएगी। माना जा रहा है कि राज्य समझौते में इस बात का प्रावधान भी रखेंगे कि राज्य की जनता को जितने टीके लगाए जाएंगे, उतने टीकों का ही भुगतान किया जाएगा। करार में टीके की प्रभावशीलता और उसके प्रदर्शन के मानकों की जानकारी का प्रावधान भी शामिल किया जा सकता है। दोनों प्रावधानों से राज्य को एकमुश्त भुगतान के बजाय किस्तों में भुगतान का मौका मिल जाएगा।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि चूंकि केंद्र के लिए इन बातों पर नजर रखना आसान नहीं होगा इसलिए राज्यों को ही कंपनियों से बात करनी चाहिए। टुकड़ों में भुगतान होगा तो केंद्र को भी राज्यों तक मदद पहुंचाने के लिए एक साल से ज्यादा वक्त मिल जाएगा। फिलहाल इस बात का कोई ठोस अनुमान नहीं है कि भारत में टीकाकरण अभियान पर कितना खर्च आएगा। हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारी कह चुके हैं कि टीकाकरण कार्यक्रम में रकम की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी, लेकिन खर्च देखना तो पड़ेगा।
बैंक गारंटी पर चल रही बातचीत के सिलसिले में बिजनेस स्टैंडर्ड ने दवा कंपनियों से बात की, जिन्होंने मामले की पुष्टि कर दी। इनमें एक दवा कंपनी के प्रतिनिधि ने कहा कि टीके के भुगतान के संबंध में बैंक गारंटी पर सरकारी एजेंसियों से बात हुई है। उन्होंने कहा, ‘अगर सरकार से कुछ रकम अग्रिम मिल जाती है तो बैंक गारंटी लेकर टीके की आपूर्ति करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।’