facebookmetapixel
Ultratech Cement Q3 Results: इंडिया सीमेंट और केसोराम के मर्जर का दिखा असर, मुनाफा 27% उछलाKotak Mahindra Bank Q3 Results: मुनाफा 5% बढ़कर ₹4,924 करोड़ पर, होम लोन और LAP में 18% की ग्रोथमध्य-पूर्व में जंग की आहट? कई यूरोपीय एयरलाइंस ने दुबई समेत अन्य जगहों की उड़ानें रोकींDividend Stocks: जनवरी का आखिरी हफ्ता निवेशकों के नाम, कुल 26 कंपनियां बाटेंगी डिविडेंडDGCA के निर्देश के बाद इंडिगो की उड़ानों में बड़ी कटौती: स्लॉट्स खाली होने से क्या बदलेगा?रूसी तेल की खरीद घटाने से भारत को मिलेगी राहत? अमेरिका ने 25% टैरिफ हटाने के दिए संकेतBudget 2026: विदेश में पढ़ाई और ट्रैवल के लिए रेमिटेंस नियमों में बदलाव की मांग, TCS हो और सरलघर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं? RBI की दर कटौती के बाद जानें कहां किस रेट पर होम लोन मिल रहा हैदिल्ली में बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी: उत्तर भारत में बदला मौसम का मिजाज, पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई ठंडGDP गणना में होगा ऐतिहासिक बदलाव: नई QNA सीरीज अगले महीने से लागू, आंकड़ों में आएगी सटीकता

SpiceJet को सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत, तीन विमान इंजन का उपयोग बंद करने के आदेश के खिलाफ एयरलाइन की अपील खारिज

उच्च न्यायालय की खंड पीठ ने तीन विमान इंजन का उपयोग बंद करने और उन्हें पट्टादाताओं को सौंपने संबंधी एकल पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था।

Last Updated- September 20, 2024 | 4:31 PM IST
Spicejet Q2FY26 results

उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को शुक्रवार को बरकरार रखा, जिसमें स्पाइसजेट एयरलाइन को पट्टादाताओं को भुगतान में चूक के कारण तीन विमान इंजन का उपयोग बंद करने का निर्देश दिया गया था। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला तथा न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने उच्च न्यायालय के 11 सितंबर के निर्णय के खिलाफ विमानन कंपनी की अपील खारिज कर दी।

पीठ ने कहा, ‘‘हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे। यह एक सही आदेश है।’’ उच्च न्यायालय की खंड पीठ ने तीन विमान इंजन का उपयोग बंद करने और उन्हें पट्टादाताओं को सौंपने संबंधी एकल पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था। खंडपीठ ने कहा था कि विमानन कंपनी ने बकाये के भुगतान के लिए किये गए अंतरिम समझौते का उल्लंघन किया है।

उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 14 अगस्त को स्पाइसजेट को निर्देश दिया था कि वह तीनों इंजन का उपयोग 16 अगस्त तक बंद कर दे और उन्हें उनके पट्टादाताओं–टीम फ्रांस 01 एसएएस और सनबर्ड फ्रांस 02 एसएएस को वापस सौंप दे।

Also read: कॉलेजियम के दोबारा सिफारिश करने के बावजूद नियुक्ति न करने पर SC ने केंद्र से जानकारी मांगी

उच्च न्यायालय में, न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने तीनों विमान इंजन का उपयोग बंद करने और उन्हें पट्टादाताओं को सौंपने संबंधी एकल पीठ के 14 अगस्त के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए स्पाइसजेट की अपील का निस्तारण कर दिया था।

स्पाइसजेट ने एकल पीठ के 14 अगस्त के आदेश को चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने कहा था कि रिकॉर्ड से पता चलता है कि स्पाइसजेट ‘डिफॉल्टर’ है और पिछला एवं वर्तमान बकाया का भुगतान नहीं किया गया है। एकल न्यायाधीश ने पट्टादाताओं की एक याचिका पर यह आदेश पारित किया था। याचिका में, स्पाइसजेट को पट्टा समझौते की समाप्ति पर तीनों इंजन वापस करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

First Published - September 20, 2024 | 4:31 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट