हाल में बाल्टिक ड्राई सूचकांक के 10 वर्ष की ऊंचाई पर पहुंचने से भारतीय शिपिंग कंपनियों को न सिर्फ ऊंचे मालभाड़े से लाभ मिल रहा है बल्कि उनके लिए बांग्लादेश और वियतनाम से कारोबार भी बढ़ा है।
एस्सार शिपिंग के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) कैप्टन राहुल भार्गव ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘बांग्लादेश में निर्माण गतिविधि तेजी से बढ़ी है, क्योंकि यह देश इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर दे रहा है। इसकी वजह से भारतीय शिपिंग कंपनियां माल ढुलाई में तेजी दर्ज कर रही हैं और कच्चे माल की ढुलाई बढ़ी है। यह एक दीर्घावधि ट्रेंड होने जा रहा है, क्योंकि इन्फ्रास्ट्रक्चर में मजबूती बनी रह सकती है।’
शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई), ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग, तोलानी शिपिंग और एस्सार शिपिंग घरेलू बाजार में अन्य सेगमेंट कंपनियों के साथ बल्क करियर श्रेणी में शामिल हैं।
इंडियन नैशनल शिपऑनर्स एसोसिएशन के मुख्य कार्याधिकारी अनिल देवली ने कहा, ‘स्पॉट चार्टर पर सभी जहाज ज्यादा कमाई करेंंगे और ज्यादा संख्या में कंपनियां हाजिर और अनुबंधित पोतों के समावेश को बनाए रखेंगी। इसलिए, मुनाफा उनके पोर्टफोलियो के आधार पर अलग अलग रहेगा।’ भारत को मजबूती प्रदान करने वाला अन्य व्यापारिक विकल्प है बांग्लादेश और वियतनाम, दोनों के लिए चावल का निर्यात। भार्गव ने कहा, ‘चावल का निर्यात पिछले कुछ सप्ताहों में घरेलू शिपिंग कंपनियों के लिए नए व्यवसाय के तौर पर उभरा है। हम वियतनाम और बांग्लादेश को करीब 200,000 टन चावल पहले ही भेज चुके हैं और अन्य 150,000 टन की खेपें जल्द भेजी जाएंगी। हालांकि यह रुझान अल्पकालिक रहने की संभावना है और यह दो महीने तक बना रहेगा। लेकिन घरेलू शिपिंग कंपनियों के लिए यह नई जिंस है।’
इस बीच, चीन द्वारा भू-राजनीतिक समस्याओं की वह से अपने कारोबारी भागीदार बदलने की वजह से बॉक्साइट के लिए दक्षिण अफ्रीका और कोयले के लिए अमेरिका के साथ कारोबार बढ़ा है, जो माल ढुलाई से जुड़े पोतों के लिए अच्छा संकेत है।
चीन ने शुरू में आस्ट्रेलिया से कोयले का आयात किया था, लेकिन अब उसने इस ईंधन के लिए अमेरिका को चुना है। उद्योग के जानकारों का कहना है कि यह भी सूचकांक में तेजी का एक अन्य वजह है। घरेलू शिपिंग कंपनियों में, कामसरमैक्स और सुपरमैक्स पोतों का बेहतर इस्तेमाल हो रहा है जिससे कंपनियों के लिए मजबूत आय हासिल हो रही है।
इस उद्योग के एक अधिकारी ने कहा, ‘कामसरमैक्स माज्ूदा समय में थोक परिवहन के लिए पसंदीदा पोत है और घरेलू शिपिंग कंपनियों द्वारा इसके लिए बॉक्साइट का परिवहन किा जा रहा है। ये पोत दक्षिण अफ्रीका में अच्छा परिचालन कर रहे हैं।’ ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग और एससीआई, दोनों के बेड़े में कामसरमैक्स शामिल हैं। सुपरमैक्स पोतों के जरिये माल ढुलाई इंडोनेशिया-भारत मार्ग पर 2,500 डॉलर प्रति टन से दोगुनी बढ़कर 5,000 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गई है। उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि यह घरेलू शिपिंग कंपनियों के लिए अच्छा संकेत है।