सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) एस्ट्राजेनेका का टीका कोविशील्ड खुले बाजार में बेचने की अनुमति के लिए दवा नियामक के समक्ष अप्रैल के अंत तक आवेदन कर सकती है। अगर आवेदन से संबंधित प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा नहीं आई तो जल्द ही कंपनी को कोविशील्ड का विपणन अधिकार मिल सकता है। अब तक किसी देश के दवा नियामक ने कोविड-19 से बचाव के किसी टीके को पूर्ण लाइसेंस नहीं दिया है।
फिलहाल कंपनी को महामारी के मद्देनजर आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए कोविशील्ड का उत्पादन करने की अनुमति है। कंपनी खुले बाजार में इस टीके की बिक्री नहीं कर सकती है। एसआईआई भारत सरकार या किसी अन्य देश की सरकार को कोविशील्ड बेच सकती है लेकिन खुले बाजार में उसे इसकी बिक्री की अनुमति नहीं है।
इस पूरे मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘मौजूदा शर्तों के तहत सीरम को तकनीक तौर पर खुले बाजार में कोविशील्ड बेचने की इजाजत नहीं है। टीका बनाने वाली कंपनियां किसी भी देश में व्यावसायिक उद्देश्यों से कोविड-19 टीके की बिक्री नहीं कर सकती हैं।’
एसआईआई भारत में हुए कोविशील्ड के परीक्षण में सामने आए सुरक्षा एवं प्रतिरोधी क्षमता से जुड़े आंकड़े नियमित अंतराल पर भेजती रही है। कंपनी ने इस टीके से शरीर में बनने वाली प्रतिरोधी क्षमता एवं इस्तेमाल के लिए सुरक्षित होने का पता लगाने के लिए भारत में 1,500 लोगों पर एक परीक्षण किया था। कंपनी ने ब्रिटेन की एस्ट्राजेनेका द्वारा वैश्विक स्तर पर किए परीक्षण के आंकड़े भी सौंपे थे।
सूत्र ने कहा, ‘टीके के परीक्षण से निकल कर आए तथ्यों और उनके विश्लेषण नियमित अंतराल पर नियामकों को भेजे जाते हैं। एसआईआई अप्रैल में अंतिम आंकड़े सौंप सकती है।’ केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने एक सब्जेक्ट एक्पर्ट कमिटी (एसईसी) का गठन किया है। यह समिति कोविड-19 की दवाओं एवं टीकों के आवेदनों की समीक्षा करती है।
एसईसी ने उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जनवरी में कोविशील्ड टीके के आपात इस्तेमाल की अनुमति दी थी। जनवरी में इस्तेमाल के मकसद से टीकों केकेवल छह महीनों तक भंडारण की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में एसआईआई जैसी कंपनियों के आंकड़ों के आधार पर यह अवधि बढ़ाकर नौ महीने कर दी गई। टीके के इस्तेमाल के लिए अधिक समय तक रखने की अनुमति मिलने से इनकी बरबादी रोकने में मदद मिलती है।
इस बीच, एसआईआई ने नोवोवैक्स के टीके कोवोवैक्स के भंडारण की अनुमति दे दी है। भारत में कोवोवैक्स का परीक्षण शुरू हो चुका है और सीआईआई के सीईओ अदार पूनावाला ने हाल में
एक ट्विटर पर लिखा था कि उन्हें सितंबर तक इस टीके का इस्तेमाल शुरू होने की उम्मीद है। पूनावाला ने कहा था कि यह टीका 89 प्रतिशत तक कारगर रहा है और अफ्रीका और ब्रिटेन में सामने आए कोविड-19 वायरस के स्वरूपों पर इसका परीक्षण हुआ है।