facebookmetapixel
Advertisement
Sensex फिसला, Nifty संभला- IT शेयरों की गिरावट से क्यों अटका बाजार?रियल एस्टेट में बड़ा मौका: बुजुर्गों की आवासीय परियोजना बनाने पर जोर, छोटे शहर बनेंगे ग्रोथ इंजनMSCI ने बदले इंडिया स्टॉक्स: किन शेयरों में आएगा पैसा, किनसे निकलेगा?Kotak MF के इस फंड ने दिया 48 गुना रिटर्न, ₹1,000 की SIP से 23 साल में बना ₹19.49 लाख का फंडQuality Funds में निवेश करें या नहीं? फायदे-नुकसान और सही स्ट्रैटेजी समझेंबंधन लाइफ ने लॉन्च किया नया ULIP ‘आईइन्‍वेस्‍ट अल्टिमा’, पेश किया आकर्षक मिड-कैप फंडभारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सोयाबीन के भाव MSP से नीचे फिसले, सोया तेल भी सस्ताअब डाकिया लाएगा म्युचुअल फंड, NSE और डाक विभाग ने मिलाया हाथ; गांव-गांव पहुंचेगी सेवाTitan Share: Q3 नतीजों से खुश बाजार, शेयर 3% चढ़कर 52 वीक हाई पर; ब्रोकरेज क्या दे रहे हैं नया टारगेट ?गोल्ड-सिल्वर ETF में उछाल! क्या अब निवेश का सही समय है? जानें क्या कह रहे एक्सपर्ट

SEBI ने Vedanta को लाभांश भुगतान में देरी पर 77.62 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

Advertisement

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने वेदांता लिमिटेड को 45 दिन के भीतर जुर्माना भरने को कहा है

Last Updated- March 12, 2024 | 8:21 PM IST
Vedanta

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को वेदांता लिमिटेड (पूर्व में केयर्न इंडिया लिमिटेड) को लाभांश भुगतान में देरी पर ब्याज सहित 77.62 करोड़ रुपये केयर्न यूके होल्डिंग्स लिमिटेड (सीयूएचएल) को देने का निर्देश दिया। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने वेदांता लिमिटेड को 45 दिन के भीतर जुर्माना भरने को कहा है।

इसके साथ ही सेबी ने नवीन अग्रवाल, तरुण जैन, थॉमस अल्बनीस और जी आर अरुण कुमार को दो महीने के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं प्रिया अग्रवाल, के वेंकटरमणन, ललिता डी गुप्ते, अमन मेहता, रवि कांत और एडवर्ड को एक महीने के लिए बाजार में प्रवेश करने से रोक दिया है।

बाजार नियामक ने अपने आदेश में कहा, ‘‘नोटिस प्राप्तकर्ता नंबर 1 (वेदांत लिमिटेड) लाभांश के विलंबित भुगतान पर सीयूएचएल को 45 दिन के भीतर 77,62,55,052 रुपये का भुगतान करेगा जो 18 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से साधारण ब्याज के साथ होगा।’’

यह आदेश सेबी को 13 अप्रैल, 2017 को केयर्न यूके होल्डिंग्स लिमिटेड से मिली शिकायत पर आया है। इसमें केयर्न इंडिया लिमिटेड पर 340.65 करोड़ रुपये के लाभांश का भुगतान न करने का आरोप लगाया गया था। केयर्न इंडिया के इक्विटी शेयर सीयूएचएल के स्वामित्व में हैं।

Advertisement
First Published - March 12, 2024 | 8:21 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement