श्नाइडर दो ब्रांड दो सेल मॉडल की ओर अग्रसर

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 12:40 AM IST

लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) के इलेक्ट्रिकल ऐंड ऑटोमेशन (ईऐंडए) कारोबार के साथ श्नाइडर इलेक्टिक के भारतीय कारोबार का विलय होने के साथ ही फ्रांस की इस इंजीनियरिंग एवं स्वचालन कंपनी के लिए भारत अब प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं विनिर्माण का चौथा वैश्विक केंद्र बन गया है।
एकीकृत कारोबार के संचालन के लिए पिछले साल श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एसईआईपीएल) का गठन किया गया था, लेकिन कंपनी ने ‘2 ब्रांड एवं 2 बिक्री मॉडल’ की गो-टु-मार्केट रणनीति पर अमल किया। इसके तहत उत्पादों को समान श्रेणी में दो ब्रांड श्नाइडर और एलऐंडटी ईऐंडए के तहत बेचा जाता है। 
श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ग्रेट इंडिया जोन के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी अनिल चौधरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा, ‘यह मॉडल एसईआईपीएल को दो ब्रांड, दो बिक्री और दो चैनलों के साथ ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करने में समर्थ बनाता है। साथ ही यह हमारे ग्राहकों में आत्मविश्वास पैदा करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि उत्पाद और समाधान के मोर्चे पर दो डिवीजन एक-दूसरे से स्वतंत्र रहें।’
चौधरी ने कहा कि श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया और एलऐंडटी ईऐंडए के नेतृत्वकर्ता भी स्वतंत्र निर्णय लेना जारी रखा है। एलऐंडटीर और श्नाइडर ने पिछले साल 31 अगस्त को यह सौदा पूरा किया था। चौधरी के अनुसार, संयुक्त इकाई ने इलेक्ट्रिकल हार्डवेयर एवं उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक्स श्रेणी में बड़ी तादाद में डिजाइन, उत्पाद इंजीनियरिंग और क्षमता लेकर आई है। चुनौतीपूर्ण वैश्विक महामारी वाले वर्ष के दौरान यह एकीकरण किया गया था। चौधरी ने कहा कि कंपनी देश में विशेष रूप से ऊर्जा प्रबंधन एवं स्वचालन के क्षेत्र में मांग को पूरा करने में समर्थ थी।
इस विलय के कारण ईऐंडए डिवीजन के 5,000 से अधिक कर्मचारियों का एकीकरण हुआ जिससे कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 32,000 हो गई। एसईआईपीएल के पास भारत में 35 वितरण केंद्रों के साथ अब 32 कारखाने हैं। उसकी मौजूदगी अब देश के 500 से अधिक शहरों एवं कस्बों तक हो चुकी है। एलऐंडटी और श्नाइडर इलेक्ट्रिक के बीच हुए 14,000 करोड़ रुपये के सौदे के तहत एलऐंडटी से संबंधित ब्रांड और उसके ईऐंडए डिवीजन श्नाइडर के लिए अगस्त 2020 से अगले 5 साल के लिए उपलब्ध होंगे। जबकि जो ब्रांड एलऐंडटी के कॉरपोरेट ब्रांड से संबंधित नहीं हैं उन्हें स्थायी तौर पर एसईआईपीएल को हस्तांतरित कर दिया गया है। ब्रांड के उपयोग के लिए अलग से कोई रॉयल्टी निर्धारित नहीं की गई है।

First Published : September 28, 2021 | 11:59 PM IST