बजट

Budget 2026: शिक्षा सुधार, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर सरकार का बड़ा फोकस

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय को 98.86 अरब रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है, जो पिछले बजट में 61 अरब रुपये से 62 प्रतिशत अधिक है

Published by
अहोना मुखर्जी   
Last Updated- February 01, 2026 | 11:01 PM IST

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में युवाओं को कुशल बनाने और उद्योग की जरूरत के लिहाज से नौकरी सृजन पर जोर देने के लिए शिक्षा क्षेत्र में बदलाव पर महत्त्व दिया गया है।

बजट में सीतारमण ने ऐलान किया कि सरकार भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई), भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई), भारतीय लागत और प्रबंधन लेखाकार संस्थान (आईसीएमएआई) जैसे पेशेवर संस्थानों को ‘कॉर्पोरेट मित्र’ की जमात तैयार करने खासकर छोटे और मझोले शहरों के नौजवानों के लिए अल्पकालिक, मॉड्यूलर पाठ्यक्रम और व्यावहारिक उपकरण डिजाइन करने में सहायता करेगी। ये पेशेवर एमएसएमई को अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेंगे।

सेवा क्षेत्र में सीखने और नौकरी सृजन पर विशेष ध्यान देने के साथ सरकार एक उच्च-स्तरीय शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर स्थायी समिति का गठन करेगी, जो नौकरी के अवसर पैदा करने के उपायों की सिफारिश करने, उच्च वृद्धि वाले उप-क्षेत्रों की पहचान करने, नीति और नियामक अंतराल को दूर करने के साथ-साथ सेवा निर्यात के अवसरों का पता लगाएगी। सीतारमण ने कहा, ‘यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की क्षमता बढ़ाने वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी। समिति नौकरियों और कौशल आवश्यकताओं पर एआई सहित उभरती तकनीक के प्रभाव का भी आकलन करेगी।’

इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन की कार्यकारी निदेशक सुचिता दत्ता ने कहा, ‘समिति का निर्माण विकास को गति देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और निर्यात वृद्धि के लिए महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करने और उन्हें प्राथमिकता देने का उत्कृष्ट अवसर पेश करता है। कौशल विकास और ​शिक्षा को उद्योग की जरूरतों के हिसाब से दिशा देकर हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि कार्यबल आधुनिक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और मांगों को पूरा करने में सक्षम हो।’

एक अन्य पहल में नई अर्थव्यवस्था में रोजगार क्षमता को बढ़ाने के वास्ते सीतारमण ने मुंबई में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान को 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स सामग्री निर्माता लैब बनाने में सहायता करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अतिरिक्त पूर्वी भारत में डिजाइन शिक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान बनाया जाएगा। साथ ही, प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप स्थापित किए जाएंगे, जिनमें कई विश्वविद्यालय, कॉलेज, अनुसंधान संस्थान, कौशल केंद्र और आवासीय परिसर होंगे।

सीआईईएल एचआर के एमडी और सीईओ आदित्य नारायण मिश्रा ने कहा, ‘इन्फ्रा, विनिर्माण, सेवाओं और उभरती तकनीक क्षेत्रों में जैसे-जैसे भर्तियों में तेजी आ रही है, आगे ऐसे लोगों को नौकरी के लिए प्राथमिकता दी जाएगी जो भूमिका आधारित कौशल रखते हों और अपने कौशल को लगातार बढ़ाने पर ध्यान देंगे।’

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय को 98.86 अरब रुपये का आवंटन प्राप्त हुआ है, जो पिछले बजट में 61 अरब रुपये से 62 प्रतिशत अधिक है। सीतारमण ने भारतीय प्रबंध संस्थान के सहयोग से हाइब्रिड मोड में एक मानकीकृत, उच्च गुणवत्ता वाले 12-सप्ताह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के माध्यम से 20 प्रतिष्ठित पर्यटक स्थलों में 10,000 गाइड के कौशल विकास के लिए एक पायलट योजना की भी घोषणा की है।

ईवाई इंडिया में स्किल ऐंड एम्प्लॉयबिलिटी, गवर्नमेंट ऐंड पब्लिक सेक्टर के पार्टनर वीनू जयचंद ने कहा, ‘मांग-आधारित प्रशिक्षण, सेक्टर-विशिष्ट कौशल विकास और राष्ट्रीय योग्यता ढांचे के साथ तालमेल बनाने से गुणवत्ता, गतिशीलता और बड़े पैमाने पर रोजगार बढ़ाने में मदद मिलेगी।’ इसके अतिरिक्त, उन्होंने सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्त्व के सभी स्थानों को डिजिटल करने के लिए नैशनल डे​स्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘यह पहल स्थानीय शोधकर्ताओं, इतिहासकारों, सामग्री निर्माताओं और प्रौद्योगिकी भागीदारों के लिए नौकरियों का एक नया क्षेत्र विकसित करेगी।’

बॉर्डरप्लस के सीईओ और सह-संस्थापक मयंक कुमार ने कहा, ‘अलॉयड हेल्थ प्रोफेशनल्स (एएचपी) संस्थानों, बहु-कुशल देखभाल प्रशिक्षण केंद्र, चिकित्सा पर्यटन हब और राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान जैसी पहलों के माध्यम से भारत ठोस कार्यबल पूल तैयार कर रहा है। आज दुनियाभर में इनकी बहुत अ​धिक मांग है। देखभाल, स्वास्थ्य और आतिथ्य क्षेत्र में प्रतिभा पूल से भारत खुद को विश्वसनीय कार्यबल भागीदार के रूप में स्थापित कर रहा है।’

रोजगार सृजन में खेल क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सीतारमण ने अगले दशक में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल के जरिए देश में प्रशिक्षण केंद्रों, कोचों और सहायक कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ खेल इन्फ्रा का विकास किया जाएगा।

First Published : February 1, 2026 | 9:45 PM IST