आरआईएल में उछाल से शेयर बाजार में बहार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 2:18 AM IST

तीन दिनों में पहली बार भारतीय शेयरों में मजबूती दर्ज हुई जब देश की सबसे मूल्यवान फर्म रिलायंस इंडस्ट्रीज में इस खबर के बाद बढ़ोतरी दर्ज हुई कि ई-कॉमर्स दिग्गज उसकी खुदरा इकाई में हिस्सेदारी लेने पर विचार कर रही है। अमेरिकी बाजारों में तेज उछाल से एशियाई शेयर बाजारों में तेजी दर्ज हुई क्योंकि जोखिम लेने की इच्छा मजबूत हुई। सेंसेक्स 1.7 फीसदी यानी 646 अंक चढ़कर 38,840 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 1.5 फीसदी यानी 171 अंकों की बढ़त के साथ 11,449 पर बंद हुआ। 4 अगस्त केबाद यह सूचकांकों की एक दिन की सबसे बड़ी उछाल है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 7 फीसदी चढ़कर 2,315 रुपये की नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। संयोग से 4 अगस्त को भी आरआईएल का शेयर 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था जब बेंचमार्क सूचकांकों ने उस दिन गुरुवार के मुकाबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की थी।
बाजार की अवधारणा हालांकि सकारातत्मक थी, लेकिन सेंसेक्स की बढ़त में आरआईएल ने अकेले दो तिहाई से ज्यादा का योगदान किया। यह बढ़त कंपनी के उस बयान के एक दिन बाद हुई जब कंपनी ने कहा था कि उसे खुदरा कारोबार के लिए प्राइवेट इक्विटी पर्म सिल्वर लेक से 1 अरब डॉलर का निवेश मिला है। खबरें बताती है कि कंपनी अपने खुदरा कारोबार की 20 अरब डॉलर की हिस्सेदारी की पेशकश एमेजॉन को कर रही है। कुछ सॉवरिन फंड और प्राइवेट इक्विटी निवेशक भी खुदरा इकाई में हिस्सेदारी खरीदने के लिए कंपनी से बातचीत कर रहे हैं।
जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, आरआईएल में बढ़त और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने व्यापक स्तर पर सकारात्मक रुख में भूमिका निभाई। निवेशकों ने सीमा विवाद का मामला किनारे रखने का फैसला करते दिख रहे हैं और नए संकेतकों के लिए वैश्विक बाजारों व शेयर विशेष की खबर पर नजर रखेंगे।
तकनीकी शेयरों में तेज बिकवाली के बाद अमेरिकी बाजारों में बुधवार को सुधार आया और एसऐंडपी 500 में जून के बाद से सबसे ज्यादा 2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। नैसडेक करीब 3 फीसदी चढ़ा जबकि उसमें 11 फीसदी की गिरावट आई थी।
विशेषज्ञों ने कहा कि निवेशक यूरोपीय सेंट्रल बैंंक की नीतिगत बैठक के नतीजे पर नजर रख रहे हैं। ईसीबी जल्द ही दरों का फैसला और महंगाई के अनुमान का खुलासा करेगा। खबरें बताती है कि नीतिगत स्तर पर बहुत ज्यादा अहम चीजें शायद ही होंगी।
एवेंडस कैपिटल ऑल्टरनेट होल्डिंग्स के सीईओ एंड्रयू हॉलैंड ने कहा, वैश्विक बाजार के स्थिर होने में कुछ दिन लगेंगे क्योंकि वहां तीन दिन में भारी गिरावट आई है। बाजार को उम्मीद थी कि टीका आ जाएगा। लेकिन मुश्किलें बढ़ रही हैं और मामलों की संख्या भी। ऐसे में आप अर्थव्यवस्थाओं को खोलने के मामले में बंद करो-खोलो की रणनीिित देखेंगे। साथ ही बाजार को यूएस कांग्रेस से और प्रोत्साहन की उम्मीद थी, जो नहीं मिलने जा रहा।
भारतीय बाजार अब तक कई चीजों मसलन वैश्विक उतारचढ़ाव, स्थानीय अर्थव्यवस्था के सिकुडऩ, कोरोना के बढ़ते मामलों और चीन के साथ सीमा पर विवाद का सामना करता रहा है। निवेशकों ने हालांकि नकारात्मक को दूर रखा है और सेंसेक्स में मार्च के निचले स्तर से 50 फीसदी की उछाल आई है।
बाजार में चढऩे व गिरने वालों का अनुपात सकारात्मक रहा और बीएसई पर 1,821 शेयर चढ़े जबकि 889 शेयरों में गिराव आई। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में 21 बढ़त के साथ बंद हुए जबकि 9 में थोड़ी गिरावट आई।

200 अरब डॉलर एमकैप वाली पहली भारतीय कंपनी बनी आरआईएल
रिलायंस इंडस्ट्रीज गुरुवार को 200 अरब डॉलर के बाजार पूंजीकरण के पार निकलने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई। गुरुवार के बंद भाव पर आरआईएल का बाजार पूंजीकरण 15.3 लाख करोड़ रुपये यानी 208 अरब डॉलर रहा। मुकेश अंबानी की अगुआई वाली फर्म अब देश की सबसे मूल्यवान कंपनी है। बाजार पूंजीकरण में लंबे अंतर के साथ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 8.75 लाख करोड़ रुपये यानी 119 अरब डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर है। इस बीच, अंबानी ने एशियाई में अमीर लोगों की सूची में अपनी स्थिति मजबूत की है और इस मामले में सातवें सबसे बड़े वैश्विक अमीर बन गए हैं। इस साल उनकी परिसंपत्ति 24.4 अरब डॉलर बढ़कर 83 अरब डॉलर हो गई है। आरआईएल अब 40वीं सबसे मूल्यवान कंपनी है और यह एक्सॉन मोबिल, पेप्सिको, सैप और ओरेकल जैसी कंपनियों से आगे है।
मार्च में कोविड-19 के कारण हुई बिकवाली के समय आरआईएल का बाजार पूंजीकरण घटकर 73.4 अरब डॉलर रह गया था। तब से मुकेश अंबानी की फर्म का बाजार पूंजीकरण 2.84 गुना बढ़ा है। 23 मार्च के बाद से 118 कारोबारी सत्रों में उसने बाजार पूंजीकरण में 135 अरब डॉलर जोड़े हैं और यह हर कारोबारी सत्र में बाजार पूंजीकरण में 1.14 अरब डॉलर की बढ़ोतरी बताता है।
इस साल आरआईएल में तेजी दूरसंचार व डिजिटल सेवा इकाई में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश, 53,124 करोड़ रुपये के कामयाब राइट्स इश्यू और रिलायंस रिटेल में निवेशकों की हालिया दिलचस्पी के कारण देखने को मिली है। विश्लेषकों ने आरआईएल को शेयर की दोबारा रेटिंग की है क्योंकि उसने नई पीढ़ी के कारोबर में कामयाबी के साथ खुद को विशाखित किया है और पारंपरिक तेव गैस कारोबार पर अपनी निर्भरता कम की है। समी मोडक और समीर मुलगांवकर

First Published : September 10, 2020 | 11:52 PM IST