अक्षय ऊर्जा का उत्पादन करने वाली भारत की अग्रणी कंपनी गोल्डमैन सैक्स प्रवर्तित रिन्यू पॉवर ने आज सौर उपकरणों के विनिर्माण के क्षेत्र में उतरने की घोषणा की है। कंपनी ने संकेत दिया है कि वह 2 गीगावॉट के सौर सेल और मॉड्यूलों के विनिर्माण संयंत्र के लिए करीब 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
कंपनी ने कहा कि इस इकाई को लगाने के लिए वह कई राज्यों के साथ बातचीत कर रही है। एक सार्वजनिक वक्तव्य में रिन्यू पॉवर ने कहा, ‘विनिर्माण के क्षेत्र में उसके कदम रखने से न केवल उसे प्रतिगामी एकीकरण में मदद मिलेगी बल्कि यह प्रमुख घटकों के लिए आपूर्ति शृंखला पर उसे बेहतर नियंत्रण मुहैया कराएगी।’
कंपनी ने कहा कि विनिर्माण इकाई होने से अब उसका लक्ष्य एक छत के नीचे विनिर्माण, उत्पादन और पारेषण कारोबार वाली एक एकीकृत अक्षय ऊर्जा कंपनी बनना है।
रिन्यू पॉवर के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुमंत सिन्हा ने कहा, ‘भारत अक्षय ऊर्जा के लिए एक बड़े बाजार के रूप में उभरा है और अब समय आ गया है कि हम आयातों पर अपनी निर्भरता में कमी लाएं तथा प्रमुख उपकरणों का घरेलू विनिर्माण शुरू करें। रिन्यू पॉवर भारत में अक्षय ऊर्जा के बड़े उत्पादकों में से एक है और सौर मॉड्यूल तथा सेल का विनिर्माण शुरू करना हमारे लिए स्वाभाविक प्रगति ही है। मेरा पक्के तौर पर मानना है कि विनिर्माण में आत्मनिर्भर भारत अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अगले चरण का द्वारा खोलेगा।’ अपने वक्तव्य में कंपनी ने यह भी कहा कि उसकी विनिर्माण इकाई से उसके अपने उत्पादन कारोबार की जरूरतें पूरी होने के साथ ही भारत में स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करने वाली अन्य कंपनियों की जरूरतें भी पूरी होंगी।
वक्तव्य में कहा गया है, ‘अगले वर्ष तक सौर सेलों और मॉड्यूलों की घरेलू मांग 15 गीगावॉट पर पहुंच जाने के आसार हैं। देश में मॉड्यूलों और सेलों के घरेलू उत्पादन से अक्षय ऊर्जा का उत्पादन करने वाली कंपनियों के लिए चीन से आयातों पर निर्भरता में कमी लाने में मदद मिलेगी। फिलहाल विश्व में मॉड्यूल उत्पादन का 80 फीसदी उत्पादन चीन में होता है।’