रतनइंडिया समूह ने 306 मेगावॉट की अपनी पूरी सोलर पावर परियोजना ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स को बेच दी, जो अक्षय ऊर्जा व बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सबसे बड़ी प्राइवेट इक्विटी फर्र्मों में से एक है। यह सौदा 1,670 करोड़ रुपये मेंं हुआ। रतनइंडिया ने एक बयान में यह जानकारी दी।
इस सौदे के साथ रतनइंडिया के पास अब दो पावर प्लांट अमरावती थर्मल पावर प्लांट (1,350 मेगावॉट) और नासिक थर्मल पावर प्लांट (1,330 मेगावॉट) रह गए हैं। अमरावती प्लांट का कर्ज पुनर्गठन दिसंबर 2019 में हुआ है और नासिक प्लांट दबाव वाली परिसंपत्ति है।
समूह की सोलर परिसंपत्तियों में 297 मेगावॉट की ग्राउंड माउंटेड परियोजना, कर्नाटक के पावागढ़ में 50 मेगावॉट की परियोजना और राजस्थान में 70 मेगावॉट की परियोजना शामिल है।
इन परियोजनाओं का 25 साल के लिए बिजली खरीद समझौता है। 95 फीसदी बिजली के लिए करार एनटीपीसी और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के साथ है। रतनइंडिया की सोलर परियोजनाओं का औसत टैरिफ 4.50 रुपये प्रति किलोवॉट है। समूह ने एक बयान में ये बातें कही।
रतनइंडिया सोलर की चेयरपर्सन अंजलि रतन नासिर ने कहा, यह सौदा ऊर्जा क्षेत्र में रतनइंडिया समूह की तरफ से उच्च गुणवत्ता वाली परिसंपत्तियां विकसित करने के ट्रैक रिकॉर्ड को बताता है और सभी हितधारकों के लिए वैल्यू सृजन का भी। यह रतनइंडिया को उच्च गुणवत्ता वाले अंतरराष्ट्रीय निवेशकों मसलन जीई व जीआईपी के लिए सही साझेदार बनाता है।
दिसंबर 2019 में रतनइंडिया की अमरावती बिजली परियोजना ने नए लेनदारों के साथ कर्ज पुनर्गठन पूरा किया था। गोल्डमैन सैक्स और वर्डे पार्टनर्स ने मौजूदा लेनदारोंं से 4,050 करोड़ रुपये के कर्ज का अधिग्रहण किया था। इसमें परियोजना की 15 फीसदी इक्विटी शामिल है।