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खुद के दम पर आगे बढ़ना चाहती है पीरामल फार्मा : नंदिनी पीरामल

अगस्त में राइट्स इश्यू पूरा करने वाली पीरामल फार्मा ने 958 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया है

Last Updated- November 08, 2023 | 10:57 PM IST
Should touch Rs 1K crore from OTC this year, says Nandini Piramal
Nandini Piramal

अगस्त में राइट्स इश्यू पूरा करने वाली पीरामल फार्मा ने 958 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया है और अब खुद के दम पर बढ़त हासिल करने, लागत नियंत्रण और परिचालन के मामले में बेहतरी पर ध्यान देने की योजना बना रही है। कंपनी 1 अरब डॉलर के राजस्व की ओर बढ़ रही है, जिसने दूसरी तिमाही में 1,911 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। सोहिनी दास को दिए साक्षात्कार में पीरामल फार्मा की चेयरपर्सन नंदिनी पीरामल ने भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बातचीत की। मुख्य अंशः

कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट ऐंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (सीडीएमओ) कारोबार में किस तरह के नए वैश्विक रुझान उभर रहे हैं?

पिछला साल सीडीएमओ व क्रिटिकल केयर कारोबार के लिए मुश्कल भरा था। इस साल हमने रिकवरी देखी है। हमारा ध्यान खुदरा के दम पर वृद्धि हासिल करने और अपनी विस्तार योजना पर अमल करने पर है। साथ ही लागत नियंत्रण व परिचालन के मोर्चे पर बेहतरी हासिल करने का भी लक्ष्य है।

सीडीएमओ बिजनेस वृद्धि हासिल करता रहेगा और लोग मैन्युफैक्चरिंग की आउटसोर्सिंग जारी रखेंगे। ग्राहक अनिवार्य तौर पर नए संयंत्र व पूंजीगत खर्च में निवेश नहीं करने जा रहे। लेकिन वे हर उत्पादों के लिए कई सप्लायर को लेकर जोखिम घटाने पर ध्यान देंगे। कुल मिलाकर गुणवत्ता व टिकाऊपन पर ग्राहकों का ध्यान रहेगा।

क्या आप सीडीएमओ कारोबार में निवेश करेंगे?

यह गहन पूंजी वाला कारोबार है। हम उन सभी कारोबार में निवेश जारी रखेंगे, जहां हमें ऑर्डर मिलेंगे और जहां हमें रिटर्न दिखता है। पहली छमाही में हमने 4 करोड़ डॉलर का पूंजीगत खर्च किया है और दूसरी छमाही में भी हमारी योजना इतनी ही रकम खर्च करने की है।

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उत्पादों के मिश्रण में बदलाव की आपकी क्या योजना है। सीडीएमओ कारोबार का 45 फीसदी अभी पेटेंट वाले उत्पादों से आता है?

पेटेंट वाले उत्पादों के विनिर्माण के अनुबंध का फायदा यह है कि वहां हमेशा ही वृद्धि होती है। वहां हर साल कारोबार की मात्रा भी बढ़ेगी। गैर-पेटेंट वाले उत्पाद प्रतिस्पर्धा का सामना करते हैं। इसलिए जरूरी नहीं है कि कारोबार बढ़े ही। ऐसे में हम अपने उत्पादों के मिश्रण में पेटेंट वाले उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाएंगे।

आपकी योजना हॉस्पिटल जेनेरिक बिजनेस में 28 उत्पाद उतारने की है। इस कारोबार में बढ़त की क्या योजना है?

अगले एक से पांच साल में हम अपने हॉस्पिटल जेनेरिक कारोबार का वाणिज्यिकरण करेंगे। ये विकास के विभिन्न चरणों में हैं। हम देखते हैं कि अस्पताल क्या चाहते हैं। हमारे पास क्या ऐसा उत्पाद है जो उनके मुताबिक हो और कीमत भी वांछित हो। यह जेनेरिक कारोबार है। हर साल आधार का कुछ क्षरण होता है। पीरामल फार्मा का 55 फीसदी सीडीएमओ से, करीब 35 फीसदी हॉस्पिटल जेनेरिक से और बाकी 15 फीसदी ओटीसी उत्पादों से आता है।

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आपने कर्ज घटाया है। क्या कोई अधिग्रहण की योजना है?

हमने कर्ज में 958 करोड़ रुपये की कमी की है। हमने अपना राइट्स इश्यू अगस्त में पूरा किया। हमारी योजना आगे और कर्ज घटाने के लिए आंतरिक स्रोतों का इस्तेमाल करने की और इसे साल के अंत तक एबिटा के 3 गुना से नीचे लाने की है। इसके बाद हमारा ध्यान खुद के दम पर वृद्धि, कर्ज घटाने, परिचालन के मोर्चे पर बेहतरी और लागत नियंत्रण पर है।

क्या आपकी सिप्ला की प्रवर्तक हिस्सेदारी लेने और देसी फॉर्म्युलेशन बाजार में फिर से प्रवेश करने में दिलचस्पी है?

यह हमारे लिए काफी बड़ा है। हम इस पर नजर नहीं डाल रहे।

First Published - November 8, 2023 | 10:57 PM IST

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