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ऑनलाइन भुगतान हुआ दोगुना से भी ज्यादा: रेजरपे

Last Updated- December 11, 2022 | 9:35 PM IST

अगर महामारी ने वर्ष 2020 के दौरान डिजिटल भुगतान अपनाने को तेज किया है, तो वर्ष 2021 ऐसा साल रहा, जब डिजिटल भुगतान सही मायने में मुख्य धारा में आया। वर्ष 2021 में ऑनलाइन भुगतान 104 प्रतिशत तक बढ़ते हुए दोगुना से भी अधिक हो गया। फिनटेक फर्म रेजरपे द्वारा पेश की गई द (कोविड) एरा ऑफ राइजिंग फिनटेक (ईआरएफ) रिपोर्ट के अनुसार लगभग हर क्षेत्र में वृद्धि देखी गई है, जिसमें खाद्य और पेय पदार्थों का क्षेत्र 18.08 प्रतिशत का शीर्ष योगदान करने वाला रहा है।
रेजरपे के मुख्य कार्याधिकारी और सह-संस्थापक हर्षिल माथुर ने कहा कि महामारी के बाद से हमने जो कई रुकावटें देखी हैं, उनके बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था का उदय सबसे महत्त्वपूर्ण रहा है और यह देश में ऑनलाइन भुगतान के तरीके में परिवर्तन कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ उपभोक्ता बीएनपीएल जैसे उपयोगकर्ता के अनुकूल वित्तीय उत्पादों की मदद से अधिक खर्च कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ वे म्युचुअल फंड में निवेश करते हुए बचत भी कर रहे हैं और सक्रिय व्यापार में भी शामिल हो रहे हैं।
जहां एक ओर पहली लहर में डी2सी ब्रांड जैसे कारोबारों के पहले स्तर के बीच डिजिटल पैठ देखी गई थी, वहीं दूसरी ओर दूसरी लहर ने लेनदेन के डिजिटल तरीकों को अपनाने के लिए और अधिक पारंपरिक ऑफलाइन कारोबारों पर जोर दिया। माथुर ने कहा कि मेरा मानना है कि वित्तीय परिदृश्य के ऐसे परिवर्तन का कारोबार, समाज और सरकार पर गहरा निहितार्थ होगा। आज भारत डिजिटल भुगतान में दुनिया को पीछे छोड़ रहा है।
यह रिपोर्ट वर्ष 2020 और 2021 में जनवरी से दिसंबर तक रेजरपे प्लेटफॉर्म पर किए गए ऑनलाइन लेनदेन पर आधारित है। यह रिपोर्ट विकसित हो रहे फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र, उपभोक्ताओं के डिजिटल व्यय के स्वरूप तथा वर्ष 2020 से 2021 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों और भुगतान के तरीकों के प्रदर्शन के विश्लेषण एक विस्तृत परिदृश्य उपलब्ध कराती है।

First Published - January 28, 2022 | 11:27 PM IST

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