facebookmetapixel
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की तारीख तय! रूट, स्पीड जान लीजिएनए साल में मनी मैनेजमेंट के 6 दमदार टिप्स, जेब में हमेशा रहेंगे पैसेMarket This Week: सेंसेक्स-निफ्टी 1% चढ़े, निवेशकों की वेल्थ ₹6 लाख करोड़ बढ़ी; ऑटो-मेटल स्टॉक्स चमकेITC Share Price: दो दिन में 15% लुढ़का, अब ब्रोकरेज ने किया डाउनग्रेड; आगे क्या करें निवेशक ?8th Pay Commission, EPF, टैक्स से लेकर बैंकिंग तक: 2026 में आपके लिए क्या-क्या बदलने वाला है?Mirae Asset की पैसा 4 गुना करने वाली स्कीम, मंथली ₹10,000 की SIP से 10 साल में बना ₹30 लाख का फंड32% रिटर्न देने को तैयार ये Media Stock, ब्रोकरेज ने कहा- कंसोलिडेशन का फेस पूरा; अब भरेगा उड़ानFASTag यूजर्स को बड़ी राहत: 1 फरवरी से कारों के लिए KYV की झंझट खत्म, NHAI का बड़ा फैसलासफायर फूड्स का देवयानी इंटरनेशनल में मर्जर, शेयरहोल्डर्स को होगा फायदा? जानें कितने मिलेंगे शेयरसिगरेट कंपनियों के शेयरों में नहीं थम रही गिरावट, लगातार दूसरे दिन टूटे; ITC 5% लुढ़का

मुद्रा समूह को उम्मीद, मार्केटिंग के कारोबार से बरसेगी ‘मुद्रा’

Last Updated- December 07, 2022 | 5:05 AM IST

मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस के बाजार के बड़े खिलाड़ी मुद्रा समूह को बदली रणनीति के बाद अपने कारोबार में खासा इजाफा होने की उम्मीद है।


मनोरंजन के बाजार में आए उछल को देखते हुए उसे अपने कारोबार में बढ़ोतरी की सालाना दर 25 फीसद से बढ़कर 35 फीसद तक हो जाने की उम्मीद है। दरअसल कंपनी ने हाल ही में अपनी विज्ञापन, मीडिया और मार्केटिंग नीति में काफी बदलाव किये हैं।

पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने लगभग 1,500 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। कंपनी को उम्मीद है कि नीति में बदलाव किये जाने के बाद अब कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा कंपनी की विपणन सेवाओं से आएगा। अभी तक कंपनी के राजस्व का बड़ा हिस्सा विज्ञापन के जरिये ही आता था।

बदलाव का फल

समूह के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी मधुकर कामत ने कहा, ‘अभी तक हमारे राजस्व का लगभग 55 फीसदी हिस्सा मुद्रा एडवर्टाइजिंग, 10 फीसदी मीडिया कारोबार और 35 फीसदी विपणन के जरिये आता है। लेकिन बाजार के हालातों को देखते  हुए जल्द ही इस अनुपात में बदलाव आने की पूरी संभावना है। हमें उम्मीद है कि आने वाले तीन -चार साल में विपणन सेवाओं से प्राप्त होने वाला राजस्व कुल राजस्व का लगभग 60 फीसदी होगा।’

विज्ञापन के क्षेत्र में मुद्रा के पास रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप, जेट एयरवेज और नोवर्तिस जैसी कंपनियां हैं। इसी महीने समूह ने अपने पोर्टफोलियो में ग्रामीण विपणन,  जनसंपर्क, इवेन्ट्स, खेल और खुदरा विपणन क्षेत्र भी जोड़ना चाहती है।

जोड़ा बड़ा नाम

इसके लिए मुद्रा समूह ने प्रताप बोस को मुख्य परिचालन अधिकारी भी नियुक्त कर दिया था। इससे पहले बोस ऑगिल्वी ऐंड मैथर इंडिया के मुख्य कार्यकारी थे। बोस ऑगिल्वी ऐंड मैथर में सबसे कम उम्र  वाले मुख्य कार्यकारी भी रह चुके हैं।

इस विस्तार की योजना को अमली जामा पहनाने के लिए कंपनी नई एजेंसी शुरू करने के साथ ही संयुक्त उपक्रम और अधिग्रहण के दोनों ही रास्तों पर विचार करेगी। इसके लिए कंपनी भार- भरकम निवेश की योजना बना रही हैं। पिछले साल ही कंपनी ने बॉबी पवार को भी मुद्रा एडवर्टाइजिंग का मुख्य क्रिएटिव अधिकारी नियुक्त किया था।  इसके अलावा पिछले एक साल में कंपनी लगभग 60-70 प्रशिक्षित व्यक्तियों को नियुक्त कर चुकी है।

बन गई टीम

योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए कामत ने 15 मानव संसाधन प्रबंधकों  की एक टीम भी बनाई है। अजीत मेनन के नेतृत्व वाली इस टीम का नाम एलएलसी- लर्निंग, लीडरशिप ऐंड चेंज रखा है। कामत का मानना हैकि कंपनी की मानव संसाधन टीम बेहद मजबूत है और वही मुद्रा को भारत में कार्यरत बाकी सभी एजेंसियों से अलग करती है।

First Published - June 12, 2008 | 11:35 PM IST

संबंधित पोस्ट