इंडिजीन: चीन से मिली सीख का भारत में उपयोग

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 4:12 AM IST

साल 2019 के अंत तक डॉ. सौरभ जैन पेइचिंग में थे और वह एंटरप्राइज हेथटेक फर्म इंडिजीन के चीन में कारोबार का नेतृत्व कर रहे थे। बेंगलूरु की कंपनी इंडिजीन का चीन में एक महत्त्वपूर्ण चिकित्सा संबंधी पोर्टफोलियो के साथ काफी पैठ है। कोरोनावायरस (कोविड-19) का प्रकोप सबसे पहले दिसंबर 2019 में मध्य चीन के सबसे अधिक आबादी वाले शहर वुहान में शुरू हुआ था। उस दौरान वुहान में कंपनी ने जैन के नेतृत्व में एक पहल का परीक्षण किया था।
जैन की टीम ने डेटा संग्रह करने में डॉक्टरों की मदद की थी और मरीजों पर आजमाई गई चिकित्सा संबंधी लेख तैयार करने के लिए अपने चिकित्सा लेखकों को तैनात किया था। भारत में मई 2020 में भारतीय डॉक्टरों द्वारा इस पहल की शुरुआत की गई थी। चीन से मिली सीख कंपनी के लिए काफी मददगार साबित हो रही है, खासकर ऐसे समय में जब कोविड-19 वैश्विक महामारी की घातक दूसरी लहर के कारण देश भर में अफरा-तफरी मची हुई है। कंपनी भारत में अपने कर्मचारियों को जान बचाने और समुदायों की मदद करने में उसी अनुभव का उपयोग कर रही है। ये प्रथाएं वैश्विक महामारी के प्रबंधन में उद्योग जगत के लिए उदाहरण बन सकती हैं।
इंडिजीन के उपाध्यक्ष (सह-वाणिज्यिकरण एवं चीन कारोबार) डॉ. जैन ने कहा, ‘चीन में हम वुहान सहित कई स्वास्थ्य संस्थानों और डॉक्टरों के साथ काम कर रहे थे। हम कोविड के प्रबंधन के बारे में काफी सामग्री प्रकाशित करने में समर्थ थे। भारत में हम उन सेवाओं को लेकर आए और भारतीय डॉक्टरों को उनसे अवगत कराया।’ उन्होंने कहा, ‘अब 2021 में हमारा ध्यान पूरी तरह इस मुद्दे पर केंद्रित हो गया है कि हम अपने कर्मचारियों को इस वैश्विक महामारी से निपटने में किस प्रकार मदद कर सकते हैं।’
हाल में एक वित्त पोषण दौर के बाद इंडिजीन का मूल्यांकन करीब 70 करोड़ डॉलर आंका गया था। वह शीर्ष वैश्विक फार्मा कंपनियों को अपनी चिकित्सा एवं प्रौद्योगिकी की बिक्री करती है। कंपनी वैश्विक स्तर पर अनुसंधान एवं विका, चिकित्सा एवं विपणन जैसे महत्त्वपूर्ण कार्यों में अपनी दक्षता सुनिश्चत करना चाहती है।
कंपनी के पास कई डॉक्टर और कर्मचारी भी हैं जो पहले औषधि कंपनियों से जुड़े थे। इससे कंपनी दवा एवं अन्य सुविधाओं के लिए अस्पतालों और कंपनियों के साथ नेटवर्क बनाने एवं रोगियों को चिकित्सकीय परामर्श देने में समर्थ हुई है।
पहली पीढ़ी के पांच उद्यमियों द्वारा 1998 में स्थापित इंडिजीन के उत्तरी अमेरिका, यूरोप, चीन, जापान और भारत में 4,000 से अधिक कर्मचारी हैं। उसके प्रमुख ग्राहकों में जॉनसन ऐंड जॉनसन, नोवार्तिस, सनोफी और एमजेन जैसी स्वास्थ्य सेवा एवं औषधि कंपनियां शामिल हैं। हाल में उसने निजी इक्विटी फर्म कार्लाइल ग्रुप और ब्राइटन पार्क कैपिटल से $20 करोड़ डॉलर का निवेश आकर्षित किया है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 में 45 फीसदी की राजस्व वृद्धि दर्ज की  है और वह वित्त वर्ष 2022 में करीब 20 करोड़ डॉलर के राजस्व की उम्मीद कर रही है।

First Published : May 30, 2021 | 11:02 PM IST