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भारतीय फुटवियर बाजार में तेजी से पांव पसारने को तैयार KICL, जोडिज और जीतलो ब्रांड्स का किया अधिग्रहण

कोठारी इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन ने जोडिज और जीतलो ब्रांड्स का अधिग्रहण कर किफायती फुटवियर बाजार में एंट्री की है, जहां 2030 तक खपत दोगुनी होने की उम्मीद है।

Last Updated- August 05, 2025 | 9:50 PM IST
Footwear prices
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

डीसी कोठारी समूह की इकाई कोठारी इंड​स्ट्रियल कॉर्पोरेशन (केआईसीएल) ने जोडिज, जीतलो और फुटवियर से जुड़े अन्य उप-ब्रांडों का अधिग्रहण किया है। कंपनी इस ‘सबसे तेजी से बढ़ती उपभोक्ता श्रेणी’ में कारोबार करना चाह रही है।

ये ब्रांड कीमत और गुणवत्ता के प्रति सजग आम जन के बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं।  इमकी कीमत प्रति जोड़ी 1,000 रुपये से कम है। यह ऐसी श्रेणी है जिसकी देश की कुल फुटवियर खपत में लगभग 80 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इसका सालाना कारोबार 80,000 से 85,000 करोड़ रुपये है। चेन्नई की इस कंपनी ने अधिग्रहण के मूल्य पर कोई टिप्पणी किए बिना बयान में कहा कि यह अधिग्रहण ब्रांडेड फुटवियर और एक्सेसरीज श्रेणी में उसकी आधिकारिक शुरुआत है। 

कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन जिन्ना रफीक अहमद ने कहा, ‘हमें जोडिज, जीतलो और अन्य संबद्ध उप-ब्रांडों के कामयाब अधिग्रहण की पुष्टि करते हुए खुशी हो रही है। इस अधिग्रहण से केआईसीएल को सबसे तेजी से बढ़​ती और सीमित सेवा वाली उपभोक्ता श्रे​णियों में तुरंत पैर जमाने का मौका मिलेगा।’

केआईसीएल के निदेशक एन मोहन ने कहा, ‘इस अहम श्रेणी में यह प्रवेश खास है क्योंकि भारतीय फुटवियर की खपत बढ़ने की उम्मीद है और युवा, समझदार उपभोक्ताओं के मामले में यह श्रेणी उपयोगिता से खुद को अभिव्यक्त करने की दिशा में विकसित हो रही है।’ प्रति व्यक्ति फुटवियर खपत 1.9 जोड़ी प्रति वर्ष है और साल 2030 तक यह दोगुनी होने की उम्मीद है। इसलिए मूल्य संचालित, फैशन के अनुकूल उत्पादों के लिए ‘भारत में अपार अवसर हैं।’

First Published - August 5, 2025 | 9:50 PM IST

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