जेएसडब्ल्यू समूह के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने व्यक्तिगत हैसियत से अंबुजा सीमेंट्स को खरीदने के लिए 4.5 अरब डॉलर का दांव लगाया है। जेएसडब्ल्यू समूह की कंपनियों में जिंदल की हिस्सेदारी का मूल्य करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये (14.5 अरब डॉलर) है। बैंकरों ने कहा कि जिंदल निजी इक्विटी फर्मों के पास शेयर गिरवी रखकर और कुछ शेयर बेचकर अधिग्रहण के वास्ते पूंजी जुटाएंगे। फाइनैंशियल टाइम्स की खबर के मुताबिक जिंदल ने अंबुजा सीमेंट्स के लिए 7 अरब डॉलर की बोली लगाई है, जिसमें निजी इक्विटी फर्मों का 2.5 अरब डॉलर का निवेश भी शामिल है।
अमेरिका की निजी क्षेत्र की दिगगज इक्विटी फर्म अपोलो ने जेएसडब्ल्यू समूह को अधिग्रहण के लिए 1 अरब डॉलर देने की पेशकश की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड पहले ही यह खबर दे चुका है। बोली लगाने वाली कंपनियां पूंजी के लिए कई तरह के तरीकों पर बात कर रही हैं। इस बीच होल्सिम भी जेएसडब्ल्यू, अदाणी और आदित्य बिड़ला समूह जैसे भारतीय दिग्गजों की बोलियों पर विचार कर रही है।
जेएसडब्ल्यू समूह बोली जीत गया तो भारतीय सीमेंट बाजार में उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 16 फीसदी हो जाएगी, जो अभी केवल 3 फीसदी है। अंबुजा और एसीसी की कुल सालाना उत्पादन क्षमता 6.4 करोड़ टन है और उन्हें खरीदने वाली कंपनी अल्ट्राटेक के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादक कंपनी बन जाएगी।
बहरहाल बैंकरों का कहना है कि जिंदल की पेशकश शायद पर्याप्त नहीं रहेगी क्योंकि इस दौड़ में आगे चल रहे अदाणी समूह ने बेहतर दांव खेला है।
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी की व्यक्तिगत हैसियत 114.8 अरब डॉलर की है और समूह ने अधिग्रहण के लिए पश्चिम एशिया के कई सॉवरिन फंडों के साथ हाथ मिलाया है। ऐसे में अदाणी समूह की बोली करीब 10 अरब डॉलर की रहेगी, जिसमें 6 अरब डॉलर तो होल्सिम को नकद मिलेंगे। उसके बाद समूह अंबुजा और एसीसी के लिए खुली पेशकश लाएगा।
अंतरराष्ट्रीय वित्त विशेषज्ञप्रवाल बनर्जी ने कहा, ‘अधिग्रहण काफी बड़ा है और बोली लगाने वाली कोई भी कंपनी अपने दम पर इसके लिए पूंजी नहीं जुटा सकती। इसके लिए उसे निजी इक्विटी और हेज फंडों का साथ चाहिए क्योंकि भारतीय बैंक अधिग्रहण के लिए पूंजी नहीं देते हैं। कर्ज के दम पर किए गए ऐसे अधिग्रहण में खरीदी जा रही कंपनियों (अंबुजा और एसीसी) के शेयर गिरवी रखकर पूंजी जुटाई जाएगी।’
अंबुजा सीमेंट्स में होल्सिम की 63.19 फीसदी हिस्सेदारी है। अंबुजा का शेयर आज 356 रुपये पर बंद हुआ, जिसके हिसाब से उसका मूल्यांकन 70,758 करोड़ रुपये है। होल्सिम और जेएसडब्ल्यू ने इस बोली के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
आदित्य बिड़ला समूह भी अंबुजा को खरीदने की दौड़ में है लेकिन बैंकरों का कहना है कि उसे भारतीय प्रतिस्पद्र्घा आयोग से मंजूरी के लिए पश्चिम भारत में अपने कई संयंत्र बेचने पड़ेंगे।
अंबुजा के लिए जेएसडब्ल्यू ने भी लगाई बोली
आदित्य बिड़ला समूह में एक सूत्र ने कहा कि अधिग्रहण के लिए रकम जुटाने में समूह को कोई दिक्कत नहीं आएगी और जिन बाजारों में सीमेंट संयंत्र एक-दूसरे के नजदीक हैं, वहां कुछ संयंत्र बेचने पर उसे प्रतिस्पद्र्घा आयोग से मंजूरी मिलने में भी समस्या नहीं होगी।
होल्सिम बोली में सफल समूह के नाम की घोषणा जल्द ही कर सकती है। सौदा अगले साल मार्च तक पूरा हो जाएगा। बैंकरों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के बाद दुनिया भर में कर्ज महंगा हो गया है और निजी इक्विटी फर्में 13 फीसदी की ऊंची ब्याज दर पर कर्ज दे रही हैं। जेएसडब्ल्यू, अदाणी और अल्ट्राटेक ने अंबुजा के लिए गैर-बाध्यकारी बोलियां लगाई हैं और होल्सिम जल्द विजेता के नाम का निर्णय कर सकती है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आर्सेलरमित्तल भी अंबुजा के लिए बोली लगाने की संभावना देख रही है लेकिन स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। आर्सेलरमित्तल के प्रवक्ता ने इसे बाजार की अटकलें बताकर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।