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महामारी-पूर्व मार्जिन पर आईटी कंपनियां

Last Updated- December 11, 2022 | 7:46 PM IST

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस के वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही के नतीजों से पता चलता है कि वैश्विक महामारी के बाद आईटी कंपनियों के मुनाफा मार्जिन की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। तिमाही के दौरान टीसीएस और इन्फोसिस का एकीकृत एबिटा मार्जिन 2004 में टीसीएस के सूचीबद्ध होने के बाद सबसे कमजोर रहा। लॉकडाउन वाली तिमाही (वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही) और वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में स्थिति बेहतर रही जब टीसीएस ने अपने कर्मचारियों को एकमुश्त विशेष बोनस दिया था।
दोनों कंपनियों ने वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में 27.6 फीसदी का औसत एबिटा मार्जिन दर्ज किया जो एक साल पहले के 30.1 फीसदी से कम है। तिमाही के दौरान राजस्व के मुकाबले परिचालन खर्च में तेजी से बढ़ोतरी होने से मार्जिन को झटका लगा। वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में टीसीएस का परिचालन मार्जिन सालाना आधार पर 201 आधार अंक घटकर 28.7 फीसदी रह गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 30.8 फीसदी रहा था। इसके मुकाबले इन्फोसिस का परिचालन मार्जिन वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 333 आधार आधार अंक घटकर 29.1 फीसदी रह गया जो वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में 29.1 फीसदी रहा था।
टीसीएस और इन्फोसिस का एकीकृत परिचालन खर्च वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 22.2 फीसदी बढ़ गया जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 18.4 फीसदी रहा था। परिचालन में वृद्धि को मुख्य तौर पर बिक्री एवं विपणन खर्च में बढा़ेतरी से झटका लगा जबकि कर्मचारी लागत में वृद्धि राजस्व में बढ़ोतरी के अनुरूप रही। उदाहरण के लिए, इन दोनों कंपनियों के लिए गैर-कर्मचारी खर्च वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में 36.1 फीसदी बढ़ गया जबकि वेतन मद में तिमाही के दौरान 18.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2021 में घर से काम, घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय यात्रा न होने आदि कारणों से आईटी उद्योग के गैर-कर्मचारी खर्च में उल्लेखनीय कमी आई थी।
जेएम फाइनैंस इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य रणनीतिकार धनंजय सिन्हा ने कहा, ‘कर्मचारियों के दफ्तरों में लौटने और कारोबारी यात्रा सुचारु होने के कारण आईटी उद्योग की परिचालन लागत में भी बढ़ोतरी हुई है। इससे उद्योग के मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है।’
मार्जिन में गिरावट के कारण टीसीएस और इन्फोसिस की राजस्व वृद्धि के मुकाबले मुनाफे में वृद्धि की रफ्तार सुस्त रही।
वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में टीसीएस और इन्फोसिस का एकीकृत परिचालन मुनाफा यानी एबिटा 8.2 फीसदी बढ़कर 23,309 करोड़ रुपये हो गया लेकिन इसकी वृद्धि रफ्तार पिछली छह तिमाहियों में सबसे सुस्त रही। इसी प्रकार तिमाही के दौरान दोनों कंपनियों का एकीकृत शुद्ध लाभ 9 फीसदी बढ़कर 15,612 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध लाभ में बढ़त की रफ्तार भी अक्टूबर-दिसंबर 2020 तिमाही के बाद सबसे कमजोर रही।
दोनों कंपनियों की एकीकृत शुद्ध बिक्री वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में 18.4 फीसदी बढ़कर 82,867 करोड़ रुपये हो गई जो  वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही (18.9 फीसदी) के मुकाबले कम लेकिन वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही (10.8 फीसदी) के मुकाबले अधिक रही।

First Published - April 19, 2022 | 12:10 AM IST

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