facebookmetapixel
Advertisement
बंगाल की खाड़ी में बड़ा हादसा: 22 नाविक लापता, खोज में दो चीनी जहाज भी शामिलस्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों से दवाओं की मांग बढ़ी, एंटीवायरल बिक्री में 25.5 फीसदी उछालउदारीकरण के 35 साल: कैसे निजी निवेश और PPP ने बदली भारत के बुनियादी ढांचे की तस्वीरमॉनसून सत्र में संसद का कामकाज सबसे कम, लोकसभा में सिर्फ 15 फीसदी समय हुआ कामब्रिक्स से पहले भारत का बड़ा कूटनीतिक अभियान, पीएम मोदी समेत कई मंत्री विदेश दौरे परभारत-चीन संबंधों में सुधार के संकेत, डोभाल और वांग यी के बीच सीमा मुद्दे पर बातचीतद​क्षिण के राज्य बना रहे ऐसी नीतियां, ताकि गूंज सकें और अ​धिक किलकारियांईरान युद्ध की तपिश से एनआरआई का भारत के लग्जरी घरों पर बढ़ा दांव, प्रीमियम मकानों की मांग तेजखतरनाक कीटनाशक कार्बोसल्फान पर रोक की तैयारी, सरकार ने रखा प्रतिबंध का प्रस्तावऑडिटर नियमों में बड़ा बदलाव संभव, कूलिंग-ऑफ अवधि 3 साल से घटकर 1 साल होगी

आईटी उद्योग का शानदार प्रदर्शन

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 9:14 PM IST

भारतीय आईटी उद्योग के लिए 2026 तक 350 अरब डॉलर का राजस्व लक्ष्य वास्तविकता में बदलता दिख रहा है। उद्योग ने वित्त वर्ष 2022 के लिए 227 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2022 में उद्योग के राजस्व में 30 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। इस प्रकार कुल वृद्धि दर 15.5 फीसदी पर 2011 के बाद सर्वाधिक है।
साल 2026 तक 350 अरब डॉलर के महत्वाकांक्षी लक्ष्य का मतलब यह भी है कि उद्योग को दो अंकों में यानी 11 से 14 फीसदी के दायरे में वृद्धि दर को बरकरार रखने की आवश्यकता होगी।
आईटी कंपनियों के प्रतिनिधि संगठन नैसकॉम के अध्यक्ष देबजनी घोष ने कहा, ‘उद्योग ने जो बुनियादी तैयार की है और सरकार हमें जो बुनियादी उपलब्ध करा रही है, उसके आधार पर हमें 2026 तक 350 अरब डॉलर का उद्योग बनने की रूपरेखा बिल्कुल स्पष्ट तौर पर दिख रही है। हमारी खासियत केवल लागत ही नहीं है बल्कि प्रतिभा, नवाचार, समावेशन और स्थायित्व भी है। भारत की कहानी काफी दमदार है।’
उद्योग का मानना है कि वित्त वर्ष 2023 में भी वृद्धि की रफ्तार काफी तेज होगी। नैसकॉम द्वारा किए गए सीईओ सर्वेक्षण के अनुसार, करीब 70 फीसदी सीईओ का मानना है कि 2022 वृद्धि का एक अन्य साल होगा जहां डिजिटल मांग से रफ्तार मिलेगी। उनका मानना है कि लगभग 60 फीसदी अंतिम उपयोगकर्ता अपने राजस्व का 6 से 8 फीसदी हिस्सा प्रौद्योगिकी पर खर्च करेंगे।
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘लचीलापन आंकड़ों में स्पष्ट है- आईटी उद्योग का आकार 200 अरब डॉलर, 150 अरब डॉलर का निर्यात जो भारत से होने वाले कुल निर्यात का लगभग आधा है। हम इस रफ्तार को जारी रखना चाहते हैं और यह देश के लिए एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि होगी। सुधारों, ओएसपी सुधारों को उद्योग ने सराहा है और एसईजेड में रियायत जैसे कई सुधार संभावित हैं। मैं उद्योग प्रतिभागियों से और अधिक सुधार आइडिया प्रस्तुत करने का आग्रह करता हूं। सबसे अहम बात यह है कि यह उद्योग 50 लाख कर्मचारी आधार के साथ शुद्ध नियोक्ता है।’
आईटी उद्योग संगठित क्षेत्र में सबसे बड़े नियोक्ता के तौर पर उभरा है। साल के दौरान इसने 4.5 लाख शुद्ध नियुक्तियां की जिससे कुल कर्मचारियों का आधार बढ़कर 50 लाख हो गया। वैश्विक महामारी के बाद दूर से काम करने काम करने के मॉडल का फायदा उठाने के लिए आईटी उद्योग ने सरकार से मांग की है कि नई एसईजेड नीति में इसे शामिल किया जाए।
भारतीय प्रौद्योगिकी उद्योग वित्त वर्ष 2022 में 227 अरब डॉलर के राजस्व तक पहुंच गया जिसे सभी क्षेत्रों से दो अंकों में वृद्धि से बल मिला।
इसके अलावा घरेलू बाजार की भी उल्लेखनीय भूमिका रही जहां डिजिटल बुनियादी ढांचा स्थापित करने पर सरकार के जोर से वृद्धि को रफ्तार मिली।

Advertisement
First Published - February 15, 2022 | 11:29 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement