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एआई रणनीति कारोबारी रणनीति के समर्थन में हो: विवेक मोहिंद्रा

डेल के विवेक मोहिंद्रा ने कहा- सॉवरिन एआई में देशों को एआई स्टैक के उस हिस्से पर फोकस करना चाहिए जिसे वे खुद नियंत्रित करना चाहते हैं

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अविक दास   
Last Updated- February 20, 2026 | 8:56 AM IST

डेल के वाइस चेयरमैन और मुख्य परिचालन अधिकारी जेफ क्लार्क के विशेष सलाहकार विवेक मोहिंद्रा का कहना है कि किसी भी देश के सॉवरिन एआई मिशन को एआई स्टैक के उस हिस्से पर ध्यान देना चाहिए जिसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो। अभीक दास के साथ बातचीत में मोहिंद्रा ने कंपनी की एआई रणनीति और इस बारे में चर्चा की कि एआई से लैस संगठन बनने के लिए क्या जरूरी है। मोहिंद्रा माइकल डेल के साथ भी काम करते हैं। संपादित अंश …

सॉवरिन एआई पर भारत सरकार के रुख को आप किस तरह देखते हैं?

मुझे लगता है कि सॉवरिन एआई शब्द का अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग है। सॉवरिन एआई के बारे में मेरा कहना है कि एआई स्टैक का कौन-सा हिस्सा किसी देश को अपने पास रखने और नियंत्रित करने की जरूरत है ताकि वह अपनी इस नियति को नियंत्रित कर सके कि वह क्या करने में सक्षम है और दूसरे, देश उस स्टैक का उपयोग अपने नागरिकों की आकांक्षाओं और अपनी महत्त्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कैसे कर पाता है। तो अगर आप उस दृष्टिकोण से सॉवरिन एआई को देखते हैं, तो मुझे लगता है कि सभी देश इससे थोड़ा अलग तरीके से बर्ताव कर रहे हैं।

जब सॉवरिन एआई बनाने की बात आती है, तो भारत सरकार के साथ आप किस तरह काम करते हैं?

डेल में हम सॉफ्टवेयर के नजरिये से मॉडल लेयर पर काम नहीं करते हैं। लेकिन हम इसके लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करते हैं। हमारे लिए एआई की पूरी शक्ति को उजागर करने के लिए वैश्विक नजरिये से जो बात जरूरी है, वह किफायती हद प्रदान करने के इर्दगिर्द है। इसके केंद्र में वास्तव में बड़े डेटा सेंटर नहीं हैं, बल्कि एआई को आगे तक पहुंचाना है, टर्नकी एआई फैक्टरियां प्रदान करना है, क्योंकि बहुत-से एमएसएमई को इसकी जरूरत है। फिर इसलिए भी कि सुरक्षा और प्रशासन एक मसला बन जाता है और इसलिए यह सुनिश्चित करना है कि वह पर्याप्त कौशल विकास भी हो, जिसे सरकार लागू कर रही है।

आप माइकल डेल और जेफ क्लार्क को सलाह देते हैं, क्या आप डेल की एआई रणनीति के कुछ मुख्य स्तंभों के बारे में बता सकते हैं?

सबसे पहले हमने तय किया कि हमारी एआई रणनीति को हमारी कारोबारी रणनीति के समर्थन में होना चाहिए। दूसरा, हमने उस एआई को लिया और उसे अलग-अलग किया ताकि हम अपनी रणनीतियों को उचित रूप से बताने में मदद कर सकें। हमने उसे जिस ढंग से अलग-अलग किया, वह चार आसान चीजों में था – जिस चीज में एआई है, जिस पर है, जिसके लिए है और जिसके साथ है। हमने सोचा कि हम अपने उत्पादों में एआई को कैसे शामिल करें ताकि वे बेहतर तरीके से चल सकें।

हमने सोचा कि सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग, पीसी में हमारी कार्य योजना क्या होने चाहिए ताकि हमारे ग्राहक हमारे उत्पादों पर अपने वर्कलोड को बेहतर तरीके से चला सकें, वह है जिस चीज पर एआई है। जिसके साथ एआई है – वह यह था कि हमें अपने ग्राहकों को ये क्षमताएं प्रदान करने के लिए किसके साथ साझेदारी की जरूरत है? और जिसके लिए एआई है – वह यह था कि हम एआई को कैसे लें और खुद को बदलने के लिए इसे अपने लिए कैसे लागू करें? और दूसरी या तीसरी चीज जो हमने की, वह थी एआई के इर्दगिर्द मार्गदर्शक सिद्धांतों का समूह विकसित करना।

First Published : February 20, 2026 | 8:56 AM IST