नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू | फाइल फोटो
इंडिगो की मौजूदा स्थिति पर नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने आज कहा कि सरकार ने विमानन कंपनी के परिचालन में हालिया गड़बड़ी की जांच शुरू कर दी है और कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि विमानन क्षेत्र के लिए मिसाल पेश की जा सके। इधर इंडिगो के बोर्ड सदस्य अभी भी इस बात पर पक्के नहीं हैं कि कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स को हटाया जाना चाहिए या नहीं।
इस बीच एल्बर्स और इंडिगो के मुख्य परिचालन अधिकारी इसिड्रो पोरक्वेरास ने देर शाम नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि कंपनी की जटिलता और बड़े पैमाने के परिचालन के कारण इस समय संचालन में रुकावट का सटीक कारण बताना संभव नहीं है।
नायडू ने राज्य सभा में अपने भाषण में इस संकट के लिए सीधे तौर पर इंडिगो को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ‘हम इस स्थिति को हल्के में नहीं ले रहे हैं। जांच की जा रही है। हम बहुत सख्त कार्रवाई करेंगे और सभी विमानन कंपनियों के लिए एक मिसाल कायम करेंगे।’ यात्रियों को आज भी परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि इंडिगो ने लगभग 500 उड़ानें रद्द की जो रविवार को रद्द की गई लगभग 650 उड़ानों से कम थीं। इस संकट से पहले इंडिगो हर दिन लगभग 2,300 उड़ान संचालित करती थी।
इंडिगो में यह गड़बड़ी इसलिए हुई क्योंकि उसके पास नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त पायलट नहीं थे। ये नियम 1 नवंबर को लागू हुए थे। इंडिगो के एक बोर्ड सदस्य ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि एल्बर्स को हटाने पर विचार किया जाना चाहिए मगर उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा सीईओ तलाशना आसान नहीं है जो रोज़ाना लगभग 2,300 उड़ान संचालित करने वाली विमान कंपनी को संभाल सके। इसलिए कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर लेना होगा।
हालांकि उन्होंने कहा कि अगर सरकार का दबाव बढ़ता है और जुर्माना काफी ज्यादा होता है तो एल्बर्स को जाने के लिए कहा जा सकता है।
बोर्ड के एक अन्य सदस्य ने कहा कि एल्बर्स ने विमानन क्षेत्र में लंबे करियर के दौरान कई संकटों को संभाला है और यह एक और बड़ा संकट है जिससे प्रभावी तरीके से निपटना होगा।
बोर्ड सदस्य ने कहा कि पायलट ड्यूटी रोस्टर का प्रबंध करने और पायलटों की नियुक्ति का जिम्मा देखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
बोर्ड के तीसरे सदस्य ने भी नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि स्थिति गंभीर हो गई थी लेकिन अब इसमें सुधार हो रहा है। इस बारे में जानकारी के लिए इंडिगो को ईमेल भेजा गया मगर खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया।