बजट 2027 ने बाजार को साफ संकेत दे दिया है। सरकार अब न तो अचानक खर्च घटाना चाहती है और न ही कर्ज को नजरअंदाज कर रही है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि यह बजट कर्ज कम करने, घाटा संभालने और ग्रोथ को आगे बढ़ाने के बीच संतुलन बनाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने जानबूझकर वित्तीय सुधार की रफ्तार धीमी रखी है, ताकि अर्थव्यवस्था की गति बनी रहे।
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, सरकार ने FY27 के लिए वित्तीय घाटे का लक्ष्य GDP का 4.3 प्रतिशत रखा है। साथ ही, केंद्र सरकार का कर्ज GDP अनुपात 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ब्रोकरेज का कहना है कि ये आंकड़े डराने वाले नहीं हैं और सरकार ने गणित बहुत सोच समझकर रखा है।
मॉर्गन स्टेनली ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि बजट भाषण की शुरुआत ही सेमीकंडक्टर जैसे शब्द से होना सरकार की बदलती सोच दिखाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0, रेयर अर्थ मैग्नेट और पुराने औद्योगिक इलाकों को मजबूत करने पर बड़ा दांव लगाया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने सेवाओं के क्षेत्र को भी नजरअंदाज नहीं किया है। डेटा सेंटर्स को टैक्स में राहत दी गई है और 2047 तक दुनिया के कुल सेवाओं के निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, इससे IT, डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर को लंबी अवधि में फायदा हो सकता है।
मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि बजट का सबसे बड़ा हथियार कैपेक्स है। कुल सरकारी पूंजीगत खर्च में 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जबकि रक्षा क्षेत्र का खर्च 18 प्रतिशत बढ़ाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यही खर्च आने वाले समय में मांग और नौकरियों को सहारा देगा।
ब्रोकरेज का मानना है कि बजट के अनुमान हकीकत से कटे हुए नहीं हैं। FY27 के लिए नॉमिनल GDP ग्रोथ 10 प्रतिशत और डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 11.4 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान व्यवहारिक है। इससे सरकार की वित्तीय स्थिति मजबूत रहने की उम्मीद है।
मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर अपनी सकारात्मक राय दोहराई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कैपेक्स में बढ़ोतरी, सेवाओं के क्षेत्र में तेजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर्स में निवेश FY27 में कंपनियों की कमाई को मजबूती दे सकता है। इसके अलावा, कंपनियों द्वारा शेयर बायबैक बढ़ने से इक्विटी में मांग और मजबूत होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज ने साफ कहा है कि वह फाइनेंशियल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर सबसे ज्यादा भरोसा कर रहा है और इन्हें ओवरवेट रेटिंग दी गई है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।