उद्योग

बालकृष्ण इंडस्ट्रीज का 2030 तक ₹23,000 करोड़ राजस्व का लक्ष्य, दोपहिया-भारी वाहनों के टायर भी बनाएगी

कंपनी ने इस मकसद के लिए 3,500 करोड़ रुपये रखे हैं। इनमें नई उत्पाद लाइन, क्षमता विस्तार और ब्रांड-निर्माण की पहल शामिल हैं

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सोहिनी दास   
Last Updated- February 24, 2026 | 10:32 PM IST

बालकृष्ण इंडस्ट्रीज अब देश के भीड़भाड़ वाले उपभोक्ता टायर बाजार में नाप-तोल कर कदम रुख कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि बड़े स्तर, विनिर्माण में अनुशासन और ब्रांड निवेश से समूह का राजस्व वित्त वर्ष 2030 तक 23,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। कंपनी की अभी ऑफ-हाईवे टायर बाजार में खास पकड़ है।

कंपनी ने इस मकसद के लिए 3,500 करोड़ रुपये रखे हैं। इनमें नई उत्पाद लाइन, क्षमता विस्तार और ब्रांड-निर्माण की पहल शामिल हैं। रणवीर सिंह वाला राष्ट्रीय अभियान भी इसी में आएगा। यह कदम कृषि, खनन और निर्माण टायरों के निर्यात की अगुआई वाली वृद्धि के दशकों बाद कंपनी का घरेलू उपभोक्ता फ्रैंचाइजी बनाने का पहला गंभीर प्रयास बताता है।

बीकेटी की ऑन-हाईवे क्षेत्र में पैठ दोपहिया, मझोले और भारी वाणिज्यिक वाहनों तक में है। ये श्रेणियां अधिक बिक्री, दामों की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा और पुराने ब्रांड की वजह से पहचानी जाती हैं। बदलते वैश्विक स्वरूप और कुछ विदेशी बाजारों में अलग-अलग मांग के बीच इस रणनीति में बढ़ोतरी के साथ-साथ जोखिम कम करने पर भी ज्यादा ध्यान देना है।

चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अरविंद पोद्दार ने कहा कि यह नजरिया देश के लिए कंपनी के पहले के दांव से लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘जब हमने भारत के कृषि टायर बाजार में प्रवेश किया, तो वहां काफी ब्रांड थे। लेकिन हम भारत को नजरअंदाज नहीं कर सकते थे। हमने छह से नौ महीने यह अध्ययन किया कि क्या चीज काम कर सकती है और इसलिए कुछ अलग विकसित किया।’

पोद्दार के अनुसार उत्पाद इंजीनियरिंग और रूट-टु-मार्केट के क्रियान्वयन में खासा अंतर था। उन्होंने कहा, ‘एक अंतर उत्पाद विकास था, वितरण दूसरा। हम वितरण की अगुआई वाला मॉडल अपनाने वाले पहले लोगों में शामिल थे, जब हर कोई केवल डीलरों के जरिये ही बिक्री कर रहा था।’ उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण ने कंपनी को देश के कृषि क्षेत्र के टायर बाजार में 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी तक पहुंचने में मदद की।

उन्होंने कहा, ‘हमने लगभग 3,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च की घोषणा की है, जो ज्यादातर बी2सी के लिए है, जो हमारे लिए एक नया वर्टिकल है।’

First Published : February 24, 2026 | 10:32 PM IST