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मांग में सुधार से मूल्य निर्धारण को मजबूती

Last Updated- December 11, 2022 | 1:35 PM IST

सीजन के लिहाज से कमजोर रहने वाली जुलाई-सितंबर तिमाही की समा​प्ति सीमेंट कंपनियों के लिए अच्छी खबर लेकर आई है। बुनियादी ढांचे और निर्माण जैसे क्षेत्रों की ओर से सीमेंट की मांग में इजाफा हो रहा है। इस वजह से संयंत्रों में उपयोग स्तर में सुधार हो रहा है।
 दूसरी बात यह है कि हालांकि लागत दबाव कम हो रहा है, लेकिन अब भी इस संबंध में कुछ चिंता बनी हुई है कि कच्चे तेल और करेंसी की अस्थिरता बढ़ने से इसमें इजाफा हो सकता है। कंपनियों ने कहा कि मार्जिन बचाने और फर्मों की आमदनी में सुधार करने के लिए कीमतों में अब और दिसंबर के बीच चरणबद्ध रूप में तकरीबन छ से आठ फीसदी की बढ़ोतरी होने के आसार हैं।

 श्री सीमेंट के चेयरमैन एचएम बांगुर ने कहा, ‘मॉनसून सीजन खत्म होने से बुनियादी ढांचा और निर्माण जैसे क्षेत्र की ओर से मांग बढ़ी है।’ उनका कहना है कि हालांकि फिलहाल पेट कोक की कीमतों में गिरावट है, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध लंबा होने से इसमें इजाफा हो सकता है। कच्चे तेल और मुद्रा की अस्थिरता भी अ​धिक बनी हुई है।

 हालांकि ब्रेंट क्रूड के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर है, लेकिन चीन में कोविड -19 से संबंधित ताजा प्रतिबंधों और वैश्विक मंदी की चिंताओं से इसमें नरमी बनी हुई है। शुक्रवार को इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का दिसंबर अनुबंध का 91.63 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 3.11 फीसदी तक कम है।

 इस बीच आर्थिक अनिश्चितता के बीच डॉलर के मुकाबले रुपये में साल की शुरुआत से अब तक करीब 10 फीसदी गिरावट आ चुकी है और सीमेंट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोलियम कोक के दामों में पिछले कुछ महीनों के दौरान 25 से 30 फीसदी की गिरावट आई है। इस क्षेत्र के विशेषज्ञों ने कहा कि लेकिन इस गिरावट का लाभ कुछ अंतराल के बाद नजर आने के आसार हैं।

 हाल में हुई विश्लेषकों की बैठक में अल्ट्राटेक, डालमिया भारत और जेके सीमेंट जैसी कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 23) की दूसरी तिमाही में मार्जिन दबाव की ओर इशारा किया है। यह दबाव तीसरी तिमाही से कम होने की उम्मीद है, क्योंकि दाम बढ़ोतरी शुरू हो गई है।

 आईआईएफएल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने 10 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 23 की दूसरी तिमाही में देश भर में सीमेंट की औसत कीमतें तिमाही आधार पर 6.1 प्रतिशत कम रही। उत्तर और मध्य भारत में दाम तिमाही आधार पर 8.5 प्रतिशत से नौ प्रतिशत कम रहे। पूर्व में 5.7 फीसदी की गिरावट आई है।

First Published - October 18, 2022 | 9:42 PM IST

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