जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को प्रतिभूति या विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड या किसी अन्य प्रतिभूति के जरिये 6,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दे दी। जीएमआर समूह की अन्य कंपनी जीएमआर पावर ऐंड अर्बन इन्फ्रा ने गुरुवार प्रतिभूति या विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड के जरिये 3,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की मंजूरी दी थी।
इस रकम का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे की विभिन्न परियोजनाओं पर होगा, जिस पर समूह अभी काम कर रहा है। समूह की फर्म जीएमआर एयरपोर्ट दिल्ली, हैदराबाद और गोवा में अपने हवाईअड्डों के आसपास उपलब्ध वाणिज्यिक जमीन पर एयरपोर्ट सिटी विकसित कर रही है। जीएमआर हैदराबाद एरोसिटी का विकास नई पीढ़ी के स्मार्ट बिजनेस हब के तौर पर किया गया है।
समूह ने हाल में कोल आधारित बिजली परियोजनाओं की बिक्री की थी और अब उसके पास 3,000 मेगावॉट से ज्यादा स्थापित क्षमता है। साथ ही वह अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित कर रहा है।
ट्रांसपोर्टेशन व अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डिविजन के पास चार परिचालित राजमार्ग परिसंपत्तियां हैं, जो 1,824 किलोमीटर में फैली हुई है। समूह का ईपीसी कारोबार डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की प्रतिष्ठित ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट के डिजायन व निर्माण पर काम कर रहा है। समूह भारत में विशेष निवेश क्षेत्र विकसित कर रहा है।