अक्षय ऊर्जा के लिए जनता से आएगा धन

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 3:11 AM IST

ताप बिजली क्षेत्र की सरकारी दिग्गज कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड अपनी अक्षय ऊर्जा इकाई को अलग करेगी और इसे सूचीबद्ध कंपनी बनाएगी। इसका लक्ष्य 2030 तक 60 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता तैयार करना है। 

दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू एनर्जी फाइनैंस समिट में बोलते हुए एनटीपीसी लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने कहा, ‘हम धन जुटाने के एक तरीके पर ध्यान केंद्रित नहीं करेंगे। हम जल्द ही धन जुटाने के लिए जनता के पास जाना चाहते हैं।’ 

भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह 2032 तक सौर और पवन ऊर्जा के माध्यम से 60 गीगावॉट बिजली उत्पादन की क्षमता स्थापित करेगी। पहले 30 गीगावॉट का लक्ष्य था। 

सिंह ने कहा कि कंपनी ने पिछले 5 साल में ताप बिजली क्षमता नहीं बढ़ाई है और इसका मूल्यांकन हो रहा है कि भविष्य में भी इसकी जरूरत है या नहीं और क्या अक्षय ऊर्जा मांग पूरी करने में सक्षम होगी।  उन्होंने कहा, ‘एनटीपीसी हर साल 708 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ाएगी। हम अपने 60 गीगावॉट के लक्ष्य से आगे बढ़ सकते हैं।’ 

एनटीपीसी ने अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अक्टूबर 2020 में एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड नाम से अलग इकाई की स्थापना की थी। 

सिंह ने कहा कि क्षमता बढ़ाने के लिए धन जुटाने के लिए मिले जुले साधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, ‘यह अहम नहीं है कि एनटीपीसी सभी अक्षय ऊर्जा संपत्तियों की मालिक होगी। हम परियोजनाओं को सक्षम बनाएंगे।’ 

एनटीपीसी अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को दो तरीके से संचालि करती है- ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) मॉडल, जिसमें वह केंद्र व राज्यों के टेंडर में हिस्सा लेती है और खुद परियोजना पर काम करती है। दूसरा डेवलपर मॉडल है, जिसमें वह अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं निजी कंपनियों को आवंटित करती है और राज्यों को बिक्री के लिए बिजली खरीदती है। डेवलपर मॉडल पर 4 गीगावॉट की परियोजनाएं परिचालन में हैं और 3 गीगावॉट के लिए जल्द ही टेंडर को अंतिम रूप दिया जाएगा। 

निवेशकों के सामने कंपनी की प्रस्तुति के मुताबिक अगले एक दशक में एनटीपीसी के ऊर्जा बॉस्केट में ताप बिजली 90 प्रतिशत से घटाकर 70 प्रतिशत करने का लक्ष्य है, जिसमें अक्षय स्रोतों से बिजली मौजूदा 1.7 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगी। 

सौर और पवन उर्जा परियोजनाओं के अलावा एनटीपीसी ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन मेथेनॉल मेंं निवेश पर भी विचार कर रही है। सूत्रों ने कहा कि एनटीपीसी ने पहले ही तेलंगाना में स्थित रामागुंडम ताप बिजली संयंत्र में ग्रीन मेथेनॉल की प्रायोगिक परियोजना शुरू की है, जिसमें कार्बन कैप्चर तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। 

कंपनी ने हाल ही में 1 गीगावॉट ग्रिड स्केल बैटरी स्टोरेज सिस्टम के लिए वैश्विक टेंडर निकाला था। इस समय एनटीपीसी की मौजूदा कुल स्थापित क्षमता 66 गीगावॉट है। इसमें से ताप (कोयला और गैस) 61 गीगावॉट, हाइड्रो 3.7 गीगावॉट, सौर 1 गीगावॉट और शेष पवन ऊर्जा क्षमता है।

First Published : June 29, 2021 | 11:55 PM IST