पीएलआई फार्मा के लिए फंड पर होगा विचार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 11:15 PM IST

कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अगुआई वाला समूह उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत विनिर्माण को बढ़ावा देने के विचार से वैक्सीन उत्पादन के लिए और अधिक फंड आवंटित करने की गुंजाइश का परीक्षण करेगा।
फार्मास्यूटिकल विभाग ने शीर्ष सरकारी समूह से फार्मास्यूटिकल औषधियों के लिए पीएलआई योजना के तहत करीब 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड मुहैया कराने का अनुरोध किया है। इस योजना का लक्ष्य देश में दवाओं, इन-विट्रो डाइग्नोस्टिक्स (आईवीडी) और उनके कच्चे माल के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।    
इस मामले से अवगत लोगों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को जानकारी दी कि अतिरिक्त रकम की मांग वैक्सिन उत्पादन के लिए जरूरी कच्चे माल के घेरलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए की गई है।
योजना के लिए वित्तीय परिव्यय फिलहाल 15,000 करोड़ रुपये है।
उक्त लोगों में से एक व्यक्ति ने कहा, ‘फार्मास्यूटिक विभाग शीघ्र ही गौबा की अगुआई वाले सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह के पास एक प्रस्ताव भेजेगा, जिसमें अन्य क्षेत्रों से पीएलआई में बची रकम में से करीब 3,000 करोड़ रुपये का फिर से आवंटन का अनुरोध किया जाएगा।’
फिलहाल, पीएलआई योजना के तहत सरकार के पास कुल 30,984 करोड़ रुपये बची हुई है। बची हुई या अप्रयुक्त रकम धन की जरूरत वाले किसी अन्य विभाग को आवंटित की जा सकती है। पीएलआई योजना को बनाते समय ही इस प्रावधान को शामिल किया गया था।
वाहन, वाहन पुर्जे और मोबाइल विनिर्माण से जुड़े पीएलआई के लिए परिव्यय में भारी कटौती के परिणामस्वरूप ही योजना के तहत 30,984 करोड़ रुपये की रकम बची है। वाहन और वाहन पुर्जों के लिए वित्तीय परिव्यय को 54 फीसदी घटाकर 25,938 करोड़ रुपये कर दिया गया वहीं मोबाइल विनिर्माण योजना के लिए इसे 6 फीसदी कम कर 38,601 करोड़ रुपये किया गया था।
कैबिनेट ने फरवरी में इस योजना को मंजूरी दी थी जिसका मकसद वित्त वर्ष 2023 से शुरू होकर 6 वर्षों के लिए उत्पादन से संबद्घ प्रोत्साहन देना है। औषधि निर्माताओं को बढ़ी हुई बिक्री के अनुपात में प्रोत्साहन दिया जाएगा जो कि वित्त वर्ष 2020 में संबंधित उत्पाद से सृजित राजस्व से अलग होगा।      
फार्मास्यूटिकल के लिए विभाग ने उत्पाद को तीन श्रेणियों- फार्मास्यूटिकल फॉमूलेशन, बल्क ड्रग्स और आईवीडी चिकित्सा उपकरणों में विभक्त किया है।
जटिल जेनेरिक दवाओं, पेटेंट औषधियों, बायोफार्मास्यूटिकल्स सहित अन्य के लिए 11,000 करोड़ रुपये जबकि बल्क ड्रग के लिए 2,250 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। सरकार ने पिछले साल बल्क ड्रगों के लिए अलग से पीएलआई योजना लाने की घोषणा की थी लेकिन इसे अलग से नहीं रखा गया।    
शेष 1,750 करोड़ रुपये की रकम भारत में नहीं बनने वाली दवाइयों, आईवीडी चिकित्सा उपकरणों और कैंसर रोधी दवाओं सहित अन्य के लिए आवंटित की गई थी।
पीएलआई फार्मा के लिए सरकार को 278 आवेदन प्राप्त हुए, जिसके तहत 15,000 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद जताई गई है।

First Published : November 26, 2021 | 11:41 PM IST